सरकारी मेडिकल कॉलेज कोटा की नई सेंट्रल लाइब्रेरी बनी मुसीबत:अंधेरे में पढ़ने को मजबूर छात्र, पीने का पानी तक नहीं लाइब्रेरी में

कोटा के सरकारी मेडिकल कॉलेज की नव निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय छात्रों के लिए ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गई है। यहां जेनरेटर और सोलर पैनल लगे होने के बावजूद, दो दिनों से लाइट नहीं आने से छात्र अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। छात्रों का कहना है कि हॉस्पिटल और हॉस्टल में बिजली सुचारू है, लेकिन लाइब्रेरी में अंधेरा छाया हुआ है। जेनरेटर 18 घंटे पहले चल चुका है, पर अब बंद पड़ा है बताया जा रहा है कि डीजल फंड में पैसे नहीं हैं। यही नहीं, डक्ट सिस्टम से पानी निकलता रहता है। पिछले 15 दिनों से यह समस्याएं बनी हुई है, जिससे पूरी लाइब्रेरी में पानी भर गया है। छात्र फर्श पर पानी में पैर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यहां रोज करीब 250 छात्र पढ़ने आते हैं, जिनमें 2021 और 2022 बैच के एमबीबीएस स्टूडेंट्स शामिल हैं। मेडिकल छात्रों का कहना है कि पीने का पानी तक नहीं है, हाथ धोने के लिए भी बाहर जाना पड़ता है या फिर मंदिर में पानी लेना पड़ता है। लाइब्रेरी के अंदर न रोशनी है, न वेंटिलेशन, ऊपर से गर्मी ने माहौल और मुश्किल बना दिया है। आगामी 22 अक्टूबर से पीजी रेजिडेंट्स के प्रैक्टिकल एग्जाम, नवंबर में INI-CET परीक्षा, और 2021-2022 बैच के यूनिवर्सिटी एग्जाम होने वाले हैं, ऐसे में यह स्थिति छात्रों के लिए भारी नुकसानदायक साबित हो सकती है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन समस्या जानने के बावजूद उदासीन बना हुआ है। लाइब्रेरी इंचार्ज डॉ. दिनेश हैं, लेकिन अब तक न तो जेनरेटर चालू हुआ है और न ही पानी की निकासी का समाधान किया गया है। छात्रों ने मांग की है कि तुरंत बिजली, पानी और डक्ट सिस्टम की मरम्मत की जाए, ताकि परीक्षा से पहले उन्हें राहत मिल सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *