एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास एवं एलन इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में संचालित शिक्षा संबल अभियान के तहत निशुल्क नीट कोचिंग के तीसरे सत्र की प्रवेश प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि गरीब तबके के बच्चे भी नीट की तैयारी कर सके और उनके सपने पूरे हो सके इसके लिए यह पहल शुरू की गई है। ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक शिक्षा का उजियारा पहुंचाते हुए उनके सपने सच करना ही ध्येय है।
इस योजना के तहत उत्तर भारत के हिन्दी भाषी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों के चयनित 126 विद्यार्थियों को नीट-यूजी के लिए निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ निशुल्क आवास व भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें 81 छात्राएं एवं 45 छात्र शामिल हैं। योजना के तहत इंस्टीट्यूट की ओर से कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की एक साल के लिए निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। वहीं एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से इन विद्यार्थियों के निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। शिक्षा संबल योजना के तहत मध्य भारत के राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड राज्यों के हिन्दी माध्यम के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन की वरीयता के आधार पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की तैयारी के लिए चुना जाता है। विद्यार्थियों को कोटा के बारां रोड नया नोहरा स्थित सुपथ कैम्पस में निशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसके साथ ही पास के हॉस्टल्स में निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था की जाती है। पहले साल में 105 विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा दी, जिसमें से 103 ने नीट क्वालीफाई किया। दो स्टूडेंट्स राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं।


