अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) से जुड़े अंशकालिक कर्मचारियों ने मंगलवार को वेतन में देरी और राशि के कम होने का मुद्दा उठाया। जिलेभर के छात्रावासों में काम करने वाले इन कर्मचारियों को समय पर मानदेय नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि मिलने वाली राशि से परिवार का गुजारा भी मुश्किल से होता है। संघ के जिलाध्यक्ष छत्रपाल मर्सकोले के साथ अंशकालिक कर्मचारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि मजदूरी मद में बजट प्राप्त नहीं होने से कर्मचारियों के लगभग 10-12 माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इन मदों में बजट नहीं होने के कारण इन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। जिससे कर्मचारियों के परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। उन्हें वेतन के नाम पर 5000 रुपए से 11800 रुपए तक मिलते है। जो परिवार के खर्चों के लिए बेहद कम है।


