भास्कर न्यूज | टोंक/निवाई ग्राम उत्थान शिविर के कामकाज को देखने शनिवार को निवाई आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं और राज्य सरकार को किसानों, महिलाओं और युवाओं के हमदर्द के रूप में पेश किया। उन्होंन लोकोक्ति जाके पैर न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई का, जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें गरीब और किसान के हालात की समझ है, इसलिए केन्द्र की और उनकी सरकार उनके हित के लिए काम कर रही है। एसआईआर और पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों प्रावधान देश और युवाओं के हित में हैं, इसलिए कोई समझौता नहीं होगा और गलत लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। करीब 30 मिनट के अपने सम्बोधन में भजनलाल शर्मा ने केन्द्र और राज्य सरकार के लोक कल्याण और विकास के कामों को ही गिनाया। मुख्यमंत्री ने टोंक जिले में 282 करोड़ रुपए की लागत के 48 विकास कार्यों का शिलान्यास और 88 करोड़ रुपए के 16 विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्हें 51 किलो की माला भी पहनाई गई। मुख्यमंत्री ने उनके शासनकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान पेपर लीक करने वाले करीब 425 लोगों को सरकार जेल में डाल चुकी है। यह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे बेफ्रिक होकर पढ़ाई करें। नौकरी को लेकर वो जो सपना देख रहे हैं, सरकार उसे जरूर पूरा करेगी। सम्बोधन से पहले मुख्यमंत्री ने मंच पर 6 विभागों के 16 चयनितों को करीब 190 लाख रुपए के चेक बांटे। उन्होंने निवाई नगरपालिका के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा ने निवाई पालिका का दर्जा बढ़ाकर उसे नगर परिषद करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के साथी इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया देश के निवासियों के खिलाफ नहीं हैं। देश में अवैध रूप से घुसपैठ कर यहां दस्तावेज बनाकर रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना है। यह काम नहीं रुकेगा और सरकार एक-एक को ढूंढ-ढूंढकर बाहर निकालेगी। सभा में विरोध ना हो जाए, इस भय से दो किसानों को बाहर किया मुख्यमंत्री की निवाई में हुई आमसभा में पुलिस बेहद चौकन्ना रही। अंदेशा था कि सभा में कुछ किसान अपनी मांग को लेकर हंगामा कर सकते हैं, इसको लेकर पत्रकार दीर्घा के बायीं तरफ बैठे लोगों के आसपास और पीछे सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस दौरान दो अलग-अलग किसानों देवरी निवासी सुखपाल गुर्जर एवं एक अन्य ने मुख्यमंत्री के आने से पहले अपनी सीट से उठकर तेज आवाज में बोलना शुरू कर दिया। वहां तैनात पीपलू पुलिस वृत्ताधिकारी रामवतार ने पुलिस जाब्ते के जरिए उन्हें सभा स्थल से बाहर निकाल दिया। सभा में आए कई लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए काले रंग का कोट-जैकैट और मफलर पहन रखे थे, पुलिस ने उन्हें उतरवा दिया।


