भास्कर न्यूज | बालोद संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की भाजपा के पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू भी अपना धान समर्थन मूल्य पर बेच नहीं पाई। खरीदी व्यवस्था से नाराज होकर वे अपने बेटे प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकारिणी व जनपद पंचायत गुरूर के सदस्य नरेश साहू के साथ शुक्रवार को सुबह 9 बजे से देर रात तक अरमरीकला खरीदी केंद्र के बाहर बैठी रहीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने से 268 क्विंटल धान नहीं बेच पाई। जो चर्चा का विषय बना रहा। पोर्टल लॉक होने की वजह से टोकन ही नहीं मिल पाया इसलिए यह स्थिति बनी। पूर्व विधायक के साथ आसपास के किसान भी मौजूद रहे, जो एक दाना भी नहीं बेच पाए थे। कई किसान रात में सोसायटी परिसर में ही सो गए। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। पूर्व विधायक के बेटे नरेश साहू ने बताया कि सरकार नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा। पोर्टल लॉक होने से टोकन ही नहीं मिल पाया। सरकार की गलती नहीं है। 15 जनवरी से धान बेचने के लिए टोकन जारी करना बंद कर दिया गया था। जिससे कई किसान प्रभावित हुए। राज्य सरकार के धान खरीदी सुचारू रखने के निर्देशों के बावजूद जिला प्रशासन, अफसर, कर्मचारी गंभीर नहीं हुए। सहकारिता विभाग के उप पंजीयक राजेंद्र राठिया से भी शिकायत की थी। जिला सहकारी बैंक के अनुसार जिले के 143 केंद्रों में 15 नवंबर से लेकर 30 जनवरी तक 70 लाख 89.56 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर हुई। एक लाख 47 हजार से ज्यादा किसानों ने धान बेचा है। एक लाख 55 हजार 119 किसानांे ने धान बेचने पंजीयन कराया था। इस लिहाज से 7 हजार से ज्यादा किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए। समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए अतिरिक्त समय बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले के 7 स्थानों में कांग्रेस के विधायक, पदाधिकारियांे, कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया था।


