जयपुर बम ब्लास्ट के दौरान जिंदा बम मिलने के मामले में राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में जवाब पेश करते हुए कहा गया कि अभियोजन के पास दोषियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने सही फैसला सुनाया है। राज्य सरकार ने आज हाईकोर्ट में जिंदा बम मामले के दोषी शाहबाज हुसैन और सरवर आजमी की अपील में अपना जवाब पेश किया। जिसे रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर तक टाल दी। दरअसल, ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने 8 अप्रेल को चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। ब्लास्ट मामले में बरी हो चुके है अपील में दोनों आरोपियों की ओर से कहा गया है कि जयपुर में 13 मई को हुए आठ सीरियल बम ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट सभी आरोपियों को बरी कर चुका है। यह मामला भी उसी से जुड़ा हुआ है। सभी मामलों के तथ्य और साक्ष्य समान है। उन्हीं तथ्य और साक्ष्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने सभी को बरी किया था। ऐसे में जिंदा बम मामले में सजा देने का कोई आधार नहीं है।


