सरकार ने कहा-:सभी पात्रों को देंगे भावांतर योजना का लाभ… इधर, छोटे किसान भी प्रदर्शन करने उतरे

दावा- मॉडल रेट जितना भी आएगा, उससे ऊपर एमएसपी तक की राशि सरकार देगी सोयाबीन की खरीद पर भावांतर की जगह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर अब छोटे किसान संगठन प्रदर्शन पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि सोयाबीन की खरीदी एमएसपी पर हो । भावांतर स्कीम मंजूर नहीं है। वहीं सरकार का कहना है कि जितना भी मॉडल रेट आएगा, उससे ऊपर एमएसपी तक की राशि किसानों को भावांतर स्कीम के तहत दी जाएगी। किसी भी पात्र किसान को नहीं छोड़ा जाएगा। कुछ हफ्तों से भारतीय किसान संघ और कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ विरोध में थे, अब यह नीचे उतर गया है। प्रदर्शन में आम किसान यूनियन, किसान आर्मी, किसान स्वराज संगठन, मालवा व निमाड़ किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत धड़ा) के अलावा बीकेयू के धड़े, युवा किसान संगठन और करणी सेना भी मैदान में उतर गए हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ भी कुछ जिलों में सक्रिय है। रविवार को देवास में, 6 को करेली, भैरुंदा व मंदसौर में, 8 को इंदौर में, 9-10 को नीमच, मंदसौर व अलीराजपुर में प्रदर्शन होने का ऐलान किया गया है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा कि संघ ने किसानों से रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा है पर एमएसपी पर खरीदी हो। कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष केदार सिरोही ने कहा कि भावांतर योजना को जबरन क्यों लागू किया जा रहा है। इन उदाहरणों से समझें,भुगतान का गणित एफएक्यू जरूरी, इसमें 40% तक खरीदी की बाध्यता नहीं है सरकार ने कहा है कि सोयाबीन की खरीदी शुरू होने के 15 दिन में पहला मॉडल रेट जारी होगा। इसके बाद रोजाना मॉडल रेट जारी किया जाएगा। यह जितना आएगा, उससे ऊपर एमएसपी तक की राशि सरकार देगी। केंद्र सरकार की तरफ से भावांतर का पैसा एमएसपी का 15 प्रतिशत है। यह 799 रुपए होता है। यदि मॉडल रेट कम होगा तो जो भी अतिरिक्त राशि होगी, वह राज्य सरकार देगी। यानि 5328 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी से जितने कम दाम मॉडल रेट में आएंगे, किसानों को उसका पूरा पैसा मिलेगा। सरकार ने कहा है कि सोयाबीन का एफए क्यू (फेयर एंड एवरेज क्वालिटी) होना जरूरी होगा। इसमें भी 40 फीसदी तक खरीदी की बाध्यता नहीं है। यदि इससे अधिक भी एफएक्यू सोयाबीन मंडी में आएगा, उस पर भी भावांतर मिलेगा। हर किसान को पात्रता के मुताबिक राशि देंगे।

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