राज्य सरकार एक बार फिर कई प्रमुख विभागों से बजट की राशि से लगभग 2000 करोड़ रुपए सरेंडर करा रही है। कृषि, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास समेत कई अन्य विभागों से राशि सरेंडर कराने की तैयारी कर रही हैै। यह कवायद वित्तीय संतुलन बनाने के लिए है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 का बजट 1,28,900 करोड़ रुपए का है। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 1,16,418 करोड़ का बजट था। चालू वित्त वर्ष में कुल योजना बजट 79,644 करोड़ रुपए का है। दिसंबर 2024 में कई विभागों के बजट से करीब 7000 करोड़ रुपए सरेंडर कराए गए थे। इस बार तृतीय अनुपूरक बजट में पैसे की मांग को देखते हुए सरकार सरेंडर पर जोर दे रही है। द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करने के दौरान सरकार ने पहले विभिन्न विभागों से राशि सरेंडर कराई थी। फिर, अनुपूरक बजट के माध्यम से कई विभागों के लिए अतिरिक्त राशि के इंतजाम हुए थे। इस बार तृतीय अनुपूरक बजट के लिए सरकार को करीब 2000 करोड़ अतिरिक्त राशि चाहिए। इसलिए सरकार एक बार फिर राशि जुगाड़ने में जुटी है। सरेंडर के लिए कोई पत्र नहीं जारी हुआ है, लेकिन बड़े बजट वाले विभागों के अधिकारियों को अनौपचारिक रूप से राशि सरेंडर करने के लिए कहा गया है। बता दें है कि मंईंया योजना के लिए बजट में प्रावधान नहीं था। बाद में समाज कल्याण विभाग ने दूसरे मद का पैसा सरेंडर कर 1000 करोड़ की व्यवस्था कर भुगतान किया था।


