सरगुजा जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा ने कब्जा किया है। पांच सालों बाद भाजपा ने जिला पंचायत में फिर से कब्जा किया है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा के पांच और कांग्रेस के तीन समर्थित प्रत्याशियों को जीत मिली थी। छह निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। जिला पंचायत में कब्जे के बाद भाजपा ने जीत का जश्न मनाया। सरगुजा जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया जिला पंचायत सभाकक्ष में शुक्रवार को हुई। पीठासीन अधिकारी सुनील नायक और उप पीठासीन अधिकारी स्वेच्छा सिंह की उपस्थिति में पहले अध्यक्ष, फिर उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। भाजपा की निरूपा बनीं अध्यक्ष, देव नारायण उपाध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित निरूपा सिंह और कांग्रेस समर्थित शिव भरोस बेक ने अपना नामांकन दाखिल किया। चुनाव में शिव भरोस बेक को 5 मत और निरूपा सिंह 9 मत मिले। निरूपा सिंह को जिला पंचायत का अध्यक्ष घोषित किया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित अनिमा केरकेट्टा और भाजपा देवनारायण यादव ने नामांकन दाखिल किया। चुनाव में अनिमा केरकेट्टा को 3 मत और देवनारायण यादव 11 मत मिले। देवनारायण यादव को उपाध्यक्ष घोषित किया गया। 10 को शपथ ग्रहण
पीठासीन अधिकारी सुनील कुमार नायक ने जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह और उपाध्यक्ष देवनारायण यादव को विजयी निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया। आगामी 10 मार्च को जिला पंचायत सदस्यों का प्रथम सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य अपने पद की शपथ लेंगे। भाजपा के दिग्गजों को पछाड़ उपाध्यक्ष बने देवनारायण
सरगुजा में भाजपा के पांच अधिकृत प्रत्याशी जीते थे। इसके अलावा कांग्रेस नेत्री राधा रवि ने चुनाव जीतते ही भाजपा ज्वाइन कर ली थी। विधायक राजेश अग्रवाल के भाई विजय अग्रवाल ने जीत दर्ज की थी। जिनका समर्थन भाजपा को था। सात सदस्यों के साथ ही निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन भाजपा ने जुटा लिया था। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की पत्नी दिव्या सिसोदिया के साथ विजय अग्रवाल ने भी दावेदारी की थी। भाजपा के पर्यवेक्षक कृष्णा राय की मौजूदगी में अध्यक्ष पद के लिए निरूपा सिंह और उपाध्यक्ष पद के लिए देवनारायण यादव के नाम की घोषणा की गई। दोनों ने अंततः जीत हासिल कर ली। चार जनपदों में पहले हो चुका है कब्जा
इसके पूर्व भाजपा ने सरगुजा जिले के बतौली, सीतापुर, लुंड्रा और लखनपुर जनपदों में हुए चुनाव में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज की है। भाजपा का सरगुजा जिले के मैनपाट जनपद में भी कब्जा तय माना जा रहा है। अंबिकापुर और उदयपुर में कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्य ज्यादा जीते हैं। इन दोनों जनपदों में भी भाजपा कब्जे की कोशिश में है।


