सरगुजा में सट्टा गिरोह के पांच अन्य सदस्य गिरफ्तार:अब तक 40 करोड़ से अधिक के ट्रांजेक्शन का खुलासा, अब तक 10 की गिरफ्तारी

सरगुजा पुलिस ने सट्टा गिरोह के सरगना सुधीर गुप्ता के साथ काम करने वाले पांच और सटोरियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। महादेव एप की तर्ज पर चल रहे सटोरिया गिरोह द्वारा अब तक 40 करोड़ के बैंक ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। कुछ बैंकों ने संदिग्ध खातों से ट्रांजेक्शन की अब तक जानकारी नहीं दी है। CSP रोहित शाह के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने 13 जनवरी को जयस्तंभ चौक के पास सटोरिया गिरोह के सरगना सुधीर गुप्ता के घर में छापा मारा था। सुधीर गुप्ता के घर में कार्यालय खोलकर सट्टा खिलवाया जा रहा था। सटोरियों के पास से 300 से अधिक बैंक खाते, एटीएम एवं बैंक पासबुक जब्त किए गए थे। सटोरियों द्वारा 15 करोड़ का ट्रांजेक्शन करने की सूचना मिली थी। पांच आरोपियों की पहले गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने राहुल अग्रवाल उर्फ विक्की (27), श्रीकांत अग्रवाल (46), राहुल कुमार सोनी (23), एवं सहयोगी अर्जुन गुप्ता (20) को गिरफ्तार किया गया था। दो दिनों बाद सरगना सुधीर गुप्ता घर से पकड़ा गया था। पांच और आरोपी गिरफ्तार
सरगुजा SP योगेश पटेल ने बताया कि ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिए सुधीर कुमार गुप्ता द्वारा बनाए गए ग्रुप से जुड़े सदस्य अमन करारिया को तलब कर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि सुधीर गुप्ता, सोम गुप्ता को एक फेक सिम दिया था। इससे सोम गुप्ता वाट्‌सअप ग्रुप बनाकर एडमिन बनकर उपयोग करता था। पुलिस टीम द्वारा सोम गुप्ता को तलब कर पूछताछ करने पर सुधीर गुप्ता के कहने पर सौरभ यादव, साहिल गुप्ता व अमन करारिया के साथ मिलकर सुधीर गुप्ता के लिए काम करना बताया। पुलिस ने आरोपी सौरभ यादव उर्फ भोलू (20), निवासी नमनाकला, साहिल गुप्ता (21) निवासी देवीगंज रोड अंबिकापुर, अमन करारिया (26) निवासी नमनाकला, सोम गुप्ता उर्फ लालु (26) निवासी देवीगंज रोड और अम्मी गिरी (23) निवासी भटगांव को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त 05 नग मोबाइल एवं 03 नग बैंक खाता जब्त किया गया है। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 एवं 336(3), 338, 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। 40 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा
SP योगेश पटेल ने बताया कि सटोरिए 15 से अधिक बैंकों में संचालित खातों का उपयोग कर रहे थे। अब तक प्रकरण में 40 करोड़ रुपये से अधिक के आनलाइन ट्रांजेक्शन का पता चला है। कई बैंकों ने अब तक पुलिस को खातों के ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं दी है।
गु्रप कई व्हाट्सअप समूह बनाकर, फर्जी सिम, फर्जी खातों, हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विनबज और स्काईएक्सचेंज प्लेटफार्म से सट्टा खिलवा रहे थे। मामले में अभी और गिरफ्तारी हो सकती है।

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