संजय तिवारी | अमृतसर राजासांसी के गांव ओठियां में हर्षाछीना-लोपोके रोड पर 2 तस्कर बाइक, 4 ग्रेनेड, 43 किलो हेरोइन और एक पिस्तौल छोड़कर फरार हो गए। इस रिकवरी करवाने का श्रेय हर कोई लेना चाह रहा है। चाहे वह सरपंच हों पुलिस हो या फिर राजासांसी हलके की आम आदमी पार्टी की इंचार्ज नेता सोनिया मान। जबकि घटना के चश्मदीद गांव के लोगों के अनुसार यह बरामदगी रात को ड्यूटी दे रहे गार्ड लाली पहलवान की सतर्कता की बदौलत हुई है। चश्मदीदों के इस दावों के संबंध में जब एसएसपी देहाती सुहैल कासिम मीर को मैसज किया तो उन्होंने इस पर चुप्पी साध ली। खेप को 2 बड़े बैगों में भरकर दो तस्कर बाइक से हर्षा छीना की ओर जा रहे थे। बैगों के अंदर छोटे काले पिट्ठू 12 बैग थे, जिनमें हेरोइन, ग्रेनेड और हथियार थे। बरामदगी के बाद भास्कर टीम वीरवार दोपहर गांव ओठियां में ग्राउंड जीरो पर पहुंची। यहां डीजीपी, देहाती पुलिस और आप नेता सोनिया मान के दावों के उलट बात सामने आई। गांव के लोगों ने बताया कि निर्माण सामग्री के संभाल के लिए तैनात गार्ड लाली पलहवान के कारण खेप पकड़ी गई है। उस समय कोई पुलिस वाला और न ही आप नेता व सरपंच वहां नहीं थे। गार्ड के सूचना देने के बाद सरपंच तरलोचन सिंह, थाना राजासांसी एसएचओ हरसिमरप्रीत कौर और फिर आप नेता सोनिया मान वहां पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि यह घटना 11.15 बजे की है। जब गार्ड लाली पहलवान ने उन्हें उठाया तो वह घर के बाहर आए। उस समय रोड पर 4 गार्ड थे। उन्हें गार्ड लाली पहलवान ने बताया कि गांव का मेन रोड सीमेंट से पक्का किया जा रहा है। जिस ओर काम जारी है उसी ओर तस्कर जा रहे थे। इसलिए उसने उन्हें रुकने को कहा। उसने खाकी वर्दी पहनी हुई थी इसलिए युवक रुकने की बजाय भागने लगे। जैसे ही वह सड़क पर चढ़कर थोड़ा आगे गए तो लाली ने उन्हें कहा कि आगे रास्ता बंद करके उनके साथी खड़े हैं। वह उन लोगों को रोक लेंगे। इसके बाद युवक घबराकर बाइक और खेप को छोड़कर खेतों के रास्ते भाग गए। उनके भागने पर लाली को शक हुआ। दो बड़े बैगों को खोलकर देखा तो इसमें से खेप बरामद हुई। पुलिस और सरपंच अब खेप बरामदगी का क्रेडिट खुद ले रहे हैं, जबकि पुलिस को गार्ड का सम्मान करना चाहिए। लोगों ने बताया कि गांव में विलेज डिफेंस कमेटी जैसी कोई बात नहीं है, तो यह कार्रवाई वह कैसे कर देंगे। इन दुकानों के पीछे से खेतों में घुसे। फिर नहीं दिखे। यहां छोड़ी बाइक और खेप गांव ओठियां के सरपंच तरलोचन सिंह ने कहा कि वह रात 11 बजे नए बन रहे सड़क के पास टीम के साथ खड़े थे। बाइक सवार 2 युवक नई सड़क की ओर जाते दिखाई दिए तो मैंने आवाज लगाकर आगे न जाने को कहा। इसके बाद वह डरकर बाइक और खेप को छोड़कर भाग गए। यह बरामदगी विलेज डिफेंस कमेटी की टीम और मेरी वजह से हुई है। जब सिक्योरिटी गार्ड की ओर से यह खेप पकड़ी गई है, के बारे में पूछा तो उन्होंने इसे नकार दिया और कहा उसका इसमें कुछ लेना-देना नहीं है। वीरवार दोपहर डीआईजी बार्डर रेंज संदीप गोयल और एसएसपी देहाती ने प्रेस कान्फ्रेंस में दावा किया कि ऑपरेशन में विलेज डिफेंस कमेटी ने पुलिस को गुप्त सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस टीम गांव ओठियां पहुंची और बाइक चालक को रुकने का इशारा किया, मगर दोनों तस्कर पुलिस को देख बाइक और खेप को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए। इस मामले में 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं, जबकि फरार दोनों तस्करों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी विलेज डिफेंस कमेटी की मदद से हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी सांझा की। वहीं रात को मौके पर पहुंची आप नेता सोनिया मान ने दावा किया कि गांव में विलेज डिफेंस कमेटी बनाई गई है, जो नशे के खिलाफ अभियान के तहत गांवों में चेकिंग करते रहते हैं। कमेटी के लोगों ने बाइक चालक को रोका तो वह बाइक सहित खेप छोड़ फरार हो गए। यह बरामद हेरोइन, हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल पुलिस को मौके पर बुलाकर सौंप दिया है। इधर से आए तस्कर बॉर्डर पार से पहले आने वाली हेरोइन की खेप पीली टेप में लपेटकर पैकेट बनाकर ड्रोन से फेंकी जाती थी, लेकिन यह पहला मामला है कि डोरी वाले छोटे काले पिट्ठू बैगों में खेप भेजी गई है। सूत्रों के अनुसार जिस जगह बरामदगी हुई, उस जगह में सबसे करीब बॉर्डर भिंडी औलख का है जो करीब 15 किलेामीटर दूर है। पिट्ठू बैगों को राउंड पि न लगे हैं, जिससे पता चला है कि इन्हें पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए फेंका गया है। इस खेप को आरोपी लेकर हर्षाछीना की ओर जा रहे थे।


