खादी व सरस महोत्सव के 11वें दिन सोमवार को लगभग 10,000 लोग मोरहाबादी मैदान पहुंचे। महोत्सव में पूर्व निर्धारित सभी आयोजन प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित रहे, लेकिन मेला घूमने के लिए आगंतुकों में उत्साह की कोई कमी नहीं है। मेले में लाह की चूड़ियां, हैंगिंग बेल, जूट के बैग, बांस के फर्नीचर, हैंगिंग लाइट्स के स्टॉल में भारी भीड़ देखी जा रही है। झारक्राफ्ट के स्टॉल में तसर, घिचा, कटिया की साड़ियां, सूट पीस की भी खूब बिक्री हो रही हैं। पलाश जेएसएलपीएस के स्टॉलों में हस्त निर्मित अचार, गुड़ ,चूड़ा , सोनाचूड़ चावल, पापड़, बाजरा, रागी, मडुवा आटा, चावल का आटा की भी खरीदारी हो रही है। वहीं, गृह सज्जा के सामान, ज्वेलरी, झारखंडी परंपरागत परिधान को भी लोग पसंद कर रहे हैं। खाने-पीने के स्टॉल में भी लोग स्वादिष्ट व्यंजन का लुत्फ उठाते दिखे। आज महोत्सव में ट्रांसजेंडर ग्रुप द्वारा भ्रमण किया गया। महोत्सव में घूम कर उन्हें बहुत अच्छा लगा उन्होंने जीवंत प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम के कीड़े से रेशमी वस्त्र बनने की प्रक्रिया देखना अद्भुत रहा। उन्होंने दोबारा मेला घूमने की इच्छा जाहिर की।


