सर्चिंग पर निकली फोर्स का नक्सलियों से सामना हो गया। नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस बीच जवानों ने खुद को सुरक्षित रखकर जवाबी फायरिंग की। करीब आधे घंटे रूक-रूककर दोनों तरफ से गोलियां चलती रही। फोर्स को भारी पड़ते देखकर नक्सली घनघोर जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने इसकी पुष्टि की। दावा है कि 2 से 3 नक्सलियों को गोली भी लगी है। फोर्स सुरक्षित जंगल से लौट आई है। संभावना है कि नक्सलियों के हथियार, साहित्य समेत कई सामान फोर्स ने बरामद किए है। हालांकि इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पूरे मामले का 4 मार्च को खुलासा होगा।
जानकारी के मुताबिक जिले में फोर्स द्वारा माओवादी विरोधी अभियान चला रहे हैं। 3 मार्च को खल्लारी के मांदागिरी जंगल में माओवादी की उपस्थिति की सूचना डीआरजी को मिली। इसकी पुख्ता पुष्टि के बाद फोर्स जंगल में घुसी। सर्च अभियान के दौरान फोर्स जैसे ही मांदागिरी के जंगल पहाड़ियों में पहुंची। माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। फोर्स जवाबी फायरिंग शुरू की। करीब आधे घंटे तक मुठभेड़ हुई। महीनेभर बैकफुट पर रहे नक्सली
पड़ोसी जिला गरियाबंद में फोर्स ने महीनेभर पहले करीब 27 नक्सलियों का एनकाउंटर किया। इनमें से 14 के शव और हथियार भी बरामद किए। फोर्स को यह बड़ी कामयाबी मिली, क्योंकि करीब 1 करोड़ इनामी चलपति, सत्यम गावड़े जैसे खुंखार नक्सली ढेर हो गए है। इसके बाद नक्सलियों का इलाके से पांव ही उखड़ गया है। महीनेभर नक्सली बैकफुट में रहे। मारे जाने का डर अभी भी नक्सलियों को सता रहा है, इसलिए सोमवार को हुई मुठभेड़ में फोर्स को भारी पड़ते देखकर नक्सली फायरिंग के बीच ही भाग गए। फोर्स सुरक्षित जंगल से लौट आई: एसपी
एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने भास्कर को बताया कि प्रतिबंधित सशस्त्र माओवादियों द्वारा स्वचालित हथियारों से पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में डीआरजी की टीम पेड़ों की आड़ लेकर नक्सलियों पर फायरिंग की। रुक-रुककर करीब आधे घंटे तक पुलिस पार्टी पर फायरिंग हुई। संभावना है कि 2 से 3 नक्सली को गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले है। घटनास्थल की डीआरजी टीम ने बारीकी से सर्चिंग की। घटना से जुड़ी जानकारियां 4 मार्च को जारी की जाएगी। गंगालूर कमेटी के नक्सली कमांडर ने पत्नी-बच्ची समेत किया सरेंडर बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां 8 लाख के इनामी नक्सली ने अपने परिवार समेत आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि समर्पण करने वाला डीवीसीएम कई बड़ी घटनाओं में शामिल था। अचानक से उसके द्वारा समर्पण कर देने से नक्सलियों को काफी बड़ा झटका लगा है। बता दें कि बीजापुर के गंगालूर एरिया कमेटी का मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर डीवीसीएम दिनेश मोडियम समर्पण करने पत्नी और बच्ची को भी साथ लेकर पुलिस के पास पहुंचा।


