भास्कर न्यूज |लुधियाना सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर ज़्यादा बोझ पड़ता है। बुजुर्ग लोग, डायबिटीज़, बीपी और किडनी के मरीज तथा अनहेल्दी लाइफस्टाइल वाले युवा भी जोखिम में रहते हैं। सुरक्षित रहने के लिए शरीर को गर्म रखें, दवाइयां समय पर लें, हल्का गरम पानी पिएँ और अच्छी नींद लें। टहलने का सबसे अच्छा समय सुबह 9 बजे के बाद या शाम का हल्का गर्म समय है। सुबह जल्दी और देर रात टहलने से बचें। बुजुर्ग हल्का और कम नमक वाला भोजन लें, जबकि युवा तला-भुना और जंक फूड कम करें तथा फलों, सूप, नट्स और फाइबर युक्त भोजन को अपनाएँ। अचानक ठंडी हवा में निकलना, भारी मेहनत, धूम्रपान, शराब और दवाइयाँ छोड़ना बिल्कुल न करें। शुगर, बीपी या किडनी की दवाइयां लेने वाले मरीज सर्दियों में अपने स्तर नियमित रूप से चेक करें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा में बदलाव न करें। यदि सीने में भारीपन, सांस फूलना, चक्कर या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत रुकें और डॉक्टर से संपर्क करें। सीने में दर्द, धड़कन का अनियमित होना या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अधिकांश सर्दियों से जुड़े हार्ट अटैक सरल जीवनशैली अपनाने से रोके जा सकते हैं। यदि आप हृदय रोगी हैं, तो अपनी जांच करवाने के लिए अपने कार्डियोलॉजिस्ट से अवश्य मिलें।


