सलूंबर जिले में राष्ट्रीय संविधान दिवस के मौके पर राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। मतदाता साक्षरता क्लब के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और नैतिक मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था। इस अभियान के दौरान टीचरों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत प्राप्त सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की महत्ता समझाई। स्टूडेंट्स को बताया गया कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को, उनकी जाति, शिक्षा, धर्म या आर्थिक स्थिति के बावजूद, समान रूप से मतदान का अधिकार प्राप्त है। शिक्षकों ने स्टूडेंट्स को यह भी जानकारी दी कि 17 वर्ष की आयु पूरी होने पर वे मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) या वीएचए ऐप के माध्यम से अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य भी है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। वक्ताओं ने स्टूडेंट्स को नैतिक मतदान का महत्व समझाते हुए कहा कि उन्हें अपनी बुद्धि और समझ का उपयोग करके मतदान करना चाहिए। स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रांतियों और गलत जानकारियों से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना मतदान करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के समापन पर, सभी स्टूडेंट्स और टीचरों ने सामूहिक रूप से मतदाता शपथ ली। उन्होंने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों की गरिमा बनाए रखने तथा धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना मतदान करने का संकल्प लिया।


