सलूम्बर जिला बार एसोसिएशन की नव-निर्वाचित कार्यकारिणी (वर्ष 2026) का शपथ ग्रहण समारोह न्यायालय परिसर, सलूम्बर में आयोजित किया गया। राजस्थान सरकार के वित्त एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी, सलूम्बर विधायक शान्ता देवी अमृतलाल मीणा और राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीन खण्डेलवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इनमें संजय मेहता (अध्यक्ष), राकेश कुमार जैन (उपाध्यक्ष), अभिषेक जोशी (महासचिव), डूंगरलाल मीणा (सह सचिव), गिरिजेश ताजावत (वित्त सचिव) और गंगाराम पटेल (पुस्तकालय सचिव) शामिल हैं। सभी अतिथियों का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार पगड़ी एवं ओपना ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि यह सलूम्बर सत्र की प्रथम नव-निर्वाचित कार्यकारिणी का पहला शपथ ग्रहण समारोह है, जो इतिहास में दर्ज होगा। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपने पेशे के प्रति और न्यायालय में आने वाले प्रत्येक पक्षकार के हितों की रक्षा के लिए विधि-सम्मत एवं न्यायोचित भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने बार और बेंच के बीच संतुलन एवं सहयोग बनाए रखने का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने आधुनिक जिला न्यायालय भवन, अधिवक्ता चैंबर्स, महिला अधिवक्ताओं हेतु शौचालय, ई-लाइब्रेरी, बार भवन विस्तार और क्लब हाउस हेतु भूमि आवंटन जैसी कई मांगें रखीं। वित्त एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने इन मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सलूम्बर जैसे नवगठित जिले में संसाधनों की कमी को सरकार गंभीरता से दूर करेगी और बार एसोसिएशन की जायज़ मांगों पर चरणबद्ध तरीके से सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। बार एसोसिएशन ने बताया कि वर्तमान में सलूम्बर जिला बार एसोसिएशन में 125 से अधिक अधिवक्ता पंजीकृत हैं, जो न्यायिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। नए जिले के गठन के साथ ही न्यायिक क्षेत्र में नई संभावनाएं भी उत्पन्न हुई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद समारोह में जिला बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता, पूर्व पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।


