सलूम्बर जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां आईसीएमआर की EQUIP-HWCs परियोजना का औपचारिक शुभारंभ जिला मुख्यालय पर किया गया। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने इस अवसर को सलूम्बर जिले के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक बताया। इस परियोजना की शुरुआत जिले के सलूम्बर और सराड़ा ब्लॉक के चयनित 22 आयुष्मान आरोग्य मंदिर – उपस्वास्थ्य केंद्रों के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) के विशेष प्रशिक्षण के साथ हुई है। जिला कलेक्टर मीणा ने प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे राजस्थान से सलूम्बर जिले का चयन यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाता है। यह परियोजना देश के केवल 6 जिलों में लागू की जा रही है, और यहां से प्राप्त अनुभव भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य नीतियों में बदलाव का आधार बनेगा। उन्होंने सीएचओ की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है। रोगों से बचाव, परामर्श और जन जागरूकता के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत करना भी उनकी अहम जिम्मेदारी है। कलेक्टर मीणा ने आईआईएम उदयपुर की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम समय में जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर-उपस्वास्थ्य केंद्रों और गांवों में जाकर रिसर्च डेटा संग्रहण का कार्य सराहनीय है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र परमार ने बताया कि आईआईएम उदयपुर और बेसिक हेल्थ सर्विसेज (BHS) की टीम पिछले एक वर्ष से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ इस परियोजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से जनस्वास्थ्य सुधार में सीएचओ की भूमिका को लेकर काफी आशान्वित हैं। प्रशिक्षण सत्रों में सीएचओ की रिपोर्टिंग और रिकॉर्ड से जुड़ी शंकाओं का भी समाधान किया गया।


