सलूम्बर में मेवाड़ की वीर परंपरा की प्रतीक वीरांगना हाड़ा रानी की स्मृति में स्मारक स्थापना दिवस 14 जनवरी को मनाया गया। इस अवसर पर सलूम्बर के राजमहल परिसर में श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत पुष्पांजलि व विचारगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उपखंड स्तरीय पर्यटन विकास समिति और वीरांगना हाड़ा रानी गौरव संस्थान, सलूम्बर मेवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान हाड़ा रानी के शौर्य, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उल्लेखनीय है कि 14 जनवरी 2008 को सलूम्बर की इस पावन भूमि पर हाड़ा रानी स्मारक की स्थापना की गई थी। तभी से प्रतिवर्ष इस दिन श्रद्धांजलि एवं विचारगोष्ठी का आयोजन होता आ रहा है। यह वही भूमि है, जहां हाड़ा रानी ने हरावल बनकर युद्धभूमि में शत्रुओं पर कहर बरपाया और अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। कार्यक्रम में सलूम्बर विधायक शांता देवी मीणा, सलूम्बर उपखंड अधिकारी जगदीश बामणिया, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी महेश आमेटा, नगर मंडल अध्यक्ष विजय भलवाड़ा, भाजपा नेता वाणी राम सुथार, भाजपा मंडल के कार्यकर्ता, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाड़ा रानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि हाड़ा रानी नारी शक्ति, शौर्य और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण की प्रतीक हैं। विचारगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हाड़ा रानी का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि नारी केवल शक्ति ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा में अग्रिम पंक्ति की योद्धा भी होती है। विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर वीरांगना के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जाना और प्रेरणा ली।


