यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने गुरुवार को हरदा जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। परशुराम सेना, महाराणा सेना, करणी सेना और नार्मदीय ब्राह्मण समाज सहित अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर केंद्र सरकार से नए कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। परशुराम चौक से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट पर करीब दस मिनट तक इंतजार किया। जब कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया, तो युवाओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड्स को लांघकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशंका जताई- असंतुलन का माहौल बनेगा
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने या उनमें व्यापक संशोधन करने की मांग की। परशुराम सेना के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सुधीर शर्मा ने कहा कि ये नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था में नई परेशानियां पैदा कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। इससे कॉलेज परिसरों में भय और असंतुलन का माहौल बनेगा, जो छात्रों की पढ़ाई और भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। नियम को तत्काल वापस लेने की अपील
करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत ने सरकार से नियम को तत्काल वापस लेने की अपील की। उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून सामान्य वर्ग के बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करेगा और समाज में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देगा। महाराणा सेना के राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों को कमजोर करना।


