सवाई माधोपुर में नगर परिषद की ओर से सोमवार शाम को गणगौर की सवारी निकाली गई। पुराने शहर के सनाढ्य सदन में सवारी से पहले विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई।
यहां सभापति मेघा वर्मा और पार्षदों की ओर से पूजा करने के बाद गणगौर की सवारी निकाली गई। हालांकि इस दौरान यहां यहां अव्यवस्थाएं भी हावी रही। करीब सवा 8 बजे तक गणगौर माता की सवारी नहीं निकलने से महिलाएं गणगौर का इंतजार करती दिखाई दी। यहां कार्यक्रम से प्रशासनिक अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त की बनाई गई दूरी खासी चर्चाओं में रही। कार्यक्रम से अधिकारियों की दूरी नगर परिषद के कार्डिनेशन की कमी को दर्शाती दिखी। सवाई माधोपुर के सनाढ्य सदन में करीब पौने 8 बजे गणगौर की विधिवत पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद माता की आरती की गई और सवारी की शुरुआत हुई। गणगौर की सवारी सनाढ्य सदन से शुरू होकर 72 सीढ़ी स्कूल, चैल, दंडवीर हनुमान मंदिर, सिनेमा चौराहा, सदर बाजार, खण्डार तिराहा से होते हुए गंगाजी की कोठी पहुंचकर संपन्न हुई। सवारी के दौरान लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुति
गणगौर की सवारी के लिए हर साल करीब 2 लाख रुपए का बजट आवंटित होता था, लेकिन इस बार यह बजट बढ़ाकर 3 लाख रुपए का किया गया। नगर परिषद की ओर से सवारी घोड़े ऊंट और बैंड बाजों के साथ निकाली गई। इस दौरान लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देते दिखाई दिए। सवारी के दौरान यहां अव्यवस्थाएं हावी रही। देर शाम को सवारी निकलने से गणगौर का व्रत की हुई महिलाएं देर शाम तक गणगौर माता के दर्शन के लिए भूखी प्यासी इंतजार करती दिखी।


