सवाई माधोपुर में कलेक्टर ने 2 पटवारी को किया निलंबित:6 को नोटिस जारी, बोले- फसल बीमा में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी

सवाई माधोपुर में शिकायत समिति बैठक में कलेक्टर ने 2 पटवारी निलंबित, 6 को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह फैसला फसल बीमा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने पर लिया गया। कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक जिला स्तरीय शिकायत निराकरण एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर काना राम ने की। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित और विवादित मामलों की समीक्षा की गई, खासतौर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई। फसल बीमा को बताया किसानों का सुरक्षा कवच कलेक्टर काना राम ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए संकट के समय सुरक्षा कवच की तरह है। इसलिए प्रत्येक मामले का तथ्यपरक परीक्षण कर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने रबी 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गाइडलाइन उल्लंघन पर दो पटवारी निलंबित बैठक के दौरान फसल कटाई प्रयोग में गाइडलाइन के उल्लंघन के मामलों पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। डूंगरी पटवारी मुरारी लाल सामरिया और खानपुर बडौदा पटवारी राजाराम गुर्जर को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही अनियमित पाए गए फसल कटाई प्रयोगों को बीमा कंपनियों की सहमति से निरस्त किया गया। 6 पटवारियों को 16 सीसी नोटिस के निर्देश कलेक्टर ने मुई पटवारी अनिता शर्मा, जस्टाना पटवारी हरि ओम मीणा, मेई कलां पटवारी विराट शर्मा, अहमदपुरा पटवारी श्रीमोहन रैगर, बाढ़कलां पटवारी अमित कुमार अग्रवाल और टोकसी पटवारी पवन कुमार मीणा को 16 सीसी नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित तहसीलदारों को दिए। इन सभी पर कार्य में लापरवाही और प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप हैं। बैंक और बीमा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश बैठक में कलेक्टर ने बैंक और बीमा कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित और विवादित प्रकरणों में समुचित रिपोर्ट, अभिलेख और तथ्य समय पर प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि रबी 2025-26 में जिन केसीसी धारकों ने योजना से बाहर रहने का विकल्प नहीं दिया है, उन्हें अनिवार्य रूप से फसल बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान बीमा सुरक्षा से वंचित न रहे।

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