सवाई माधोपुर में भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस वे निरस्त करने की मांग:किसान बोले- खेती की जमीन ले लेंगे तो हम कमाएंगे क्या, मुआवजा तो खर्च हो जाएगा

राजस्थान सरकार की ओर से भरतपुर से ब्यावर तक एक्सप्रेस-वे बनायl जाना प्रस्तावित है। यह एक्सप्रेस-वे सवाई माधोपुर जिले की वजीरपुर तहसील के कैमरी खुर्द, बादरायल, खेड़ला, जनेतपुर,रेंडायल तुर्क, रेंडायल,मोहचा भालपुर आदि गांवों से होकर निकलेगा‌। जिसे लेकर ग्रामीणों की ओर से विरोध जताया जा रहा है‌। इसी कड़ी में आज बाडरायल गांव के एक दर्जन से भी अधिक ग्रामीण सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पहुंचकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस वे को निरस्त करने की मांग की। किसान बोले, एक्सप्रेस वे में आ रही है कृषि भूमि ग्रामीणों का कहना है कि वजीरपुर तहसील के जिन गांवों में होकर भरतपुर- ब्यावर एक्सप्रेस वे बनाना प्रस्तावित है। उन गांवों के किसानों की कृषि भूमि प्रस्तावित एक्सप्रेस वे में जा रही है। इन गांवों के किसानों के पास पहले ही बेहद कम कृषि भूमि है। कैमरी खुर्द, बादरायल, खेड़ला, जनेतपुर ,रेंडायल तुर्क, रेंडायल मोहचा, भालपुर आदि गांवों के ग्रामीण अपनी कृषि भूमि से ही अपना जीवन यापन कर रहे है। बोले- किसानी के अलावा कोई कमाई का साधन नहीं उनके पास कृषि भूमि के अलावा जीवन यापन करने का कोई दूसरा साधन नही हैं। ऐसे में अगर भरतपुर ब्यावर एक्सप्रेस वे बनाया गया तो इन प्रभावित गांव के किसानों की कृषि भूमि एक्सप्रेस वे में आएगी और एक्सप्रेस वे बनाने के लिए सरकार की ओर से ग्रामीणों की कृषि भूमि को अधिग्रहित कर लिया जाएगा। ऐसे में प्रभावित गांवों के किसान भूमि हीन हो जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण को लेकर भले ही सरकार मुवावजा दे, लेकिन जब किसानों के पास भूमि ही नही रहेगी तो वे क्या करेंगे। बोले- मुआवजा खत्म हो जाएगा तो क्या करेंगे किसानों का कहना है कि मुआवजे की राशि तो कुछ समय मे समाप्त हो जाएगी। उसके बाद ग्रामीण कैसे अपना जीवनयापन करेंगे‌ ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से भरतपुर ब्यावर एक्सप्रेस वे को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि अगर उसके बाद भी सरकार की ओर से एक्सप्रेस वे बनाया जाता है तो उसे किसानों की कृषि भूमि को बचाते हुए और उचित मुवावजा देते हुए बनाया जाए,ताकि किसानों की कृषि भूमि भी बच जाए ओर किसानों को नुकसान भी नही उठाना पड़े।

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