सतना जिले में शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी रुक-रुक कर जारी रही। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बरसात ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है। इस बारिश से धान की फसल को भी फायदा होगा। मौसम विभाग ने बताया कि यह मानसून की आखिरी तेज बारिश हो सकती है और अगले सप्ताह रीवा संभाग से मानसून की वापसी की संभावना है। 2 डिग्री गिरा पारा
शनिवार सुबह जिले का अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 30.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से ढाई डिग्री कम है। वहीं, बादलों के कारण न्यूनतम तापमान आधा डिग्री बढ़कर 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला मुख्यालय में सुबह तक सवा इंच बारिश दर्ज की गई। पिछले साल से ज्यादा बारिश
इस सीजन में 1 जून से 3 अक्टूबर तक सतना जिले में 42.1 इंच और मैहर जिले में 42.0 इंच औसत बारिश हो चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10 इंच ज्यादा है। जिले में सबसे ज्यादा बारिश नागौद में 53 इंच और सबसे कम जसो में 22 इंच दर्ज हुई है। रघुराजनगर और बरौंधा में 50-50 इंच, सोहावल में 34.2 इंच, बिरसिंहपुर में 33 इंच, रामपुर में 41 इंच और उचेहरा में 46 इंच बारिश हुई है। वहीं मैहर जिले में अमरपाटन में 45.35 इंच, मैहर में 35 इंच और रामनगर में 41.18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 31 इंच बारिश हुई थी। बंगाल की खाड़ी में बना दबाव
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण सतना और रीवा संभाग में तेज बारिश हो रही है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शनिवार को बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि रविवार से मौसम साफ होने लगेगा।


