भास्कर न्यूज|गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार अवैध शराब निर्माण के अनैतिक कारोबार की जड़ों पर लगातार प्रहार कर रहे हैं, न केवल शराब निर्माण के काम में लगे शराब व्यवसायियों की काउंसलिंग जारी है बल्कि अवैध शराब निर्माण की रोकथाम की दिशा में भी लगातार दंडात्मक कार्रवाई भी जारी है। संजय कुमार पिछले दो हफ्ते से लगातार दुलदुलवा गांव जा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने गांव जाकर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ गांव के कई इलाकों का भ्रमण किया, लोगों से अब तक हुए सुधार के बारे में फीडबैक लिया। लोगों की राय मानते हुए उन्होंने अवैध शराब बनाने के लिए कच्चा सामान जैसे महुआ गुड आदि बेचने वाले गोदामों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई। फल स्वरुप कुछ ही देर में उन्होंने तीन अलग-अलग ऐसे कारोबारियों के गोदामों व दुकानों पर छापेमारी की। इनमें से एक विजय गुप्ता के गोदाम में महुआ, गुड़ आदि मिलाकर लगभग 100 क्विंटल यानी 10 टन के आसपास सामान रखा हुआ था। विदित हो कि देशी शराब बनाने में महुआ एवं गुड़ का उपयोग किया जाता है। एसडीएम में जब विजय गुप्ता से इस महुआ और गुड़ आदि के बड़े भंडार के स्रोत और उद्देश्य के बारे में पूछा तो वे कुछ बता नहीं पाए, हालांकि जब इस गोदाम का बिक्री रजिस्टर मांगा गया तो रजिस्टर में उन्हीं लोगों का नाम दर्ज पाया गया जो हमेशा से गांव में अवैध शराब निर्माण के लिए जाने जाते हैं और जिन पर इस संबंध में कई मामले दर्ज हैं। इससे प्रथम दृष्टया साबित हो गया कि उक्त सामग्री अवैध शराब निर्माण के काम आनी है क्योंकि यह सामग्री उन्हीं व्यापारियों व व्यवसाईयों के बीच बेची जाती है। संजय कुमार ने दो साल के विक्री रजिस्टर जब्त करते हुए एहतियातन इस गोदाम की वीडियोग्राफी कराते हुए मौके पर ही सील कर दिया तथा गोदाम की चाबी का जिम्मेनामा विजय गुप्ता व एक स्थानीय ग्रामीण को संयुक्त रूप से लिखित में इस शर्त के साथ दे दी गई कि वे न तो इस गोदाम के ताले को बिना अनुमति खोलेंगे और न ही कोई सामग्री की बिक्री करेंगे। एसडीएम ने शनिवार की विजिट के दौरान गांव की बस्ती एवं जंगल क्षेत्र में अवैध शराब भट्ठियों को लेकर सर्च अभियान चलाया किंतु अच्छी बात यह रही कि उन्हें 2 घंटे के सर्च अभियान में कहीं कोई शराब भट्टी नजर नहीं आई। उन्होंने दुलदुलवा में ऐसी स्थिति लाने के लिए समस्त ग्राम वासियों को साधुवाद दिया।


