52.82 करोड़ रुपए के टेंडर गड़बड़ी मामले में बीते 21 जनवरी को सस्पेंड हुई ईओ सुरिंदर कुमारी छुट्टी के दिन सरकारी दफ्तर पहुंच गई। उनका ऐसे दफ्तर आना कई सवाल खड़े कर रहा है। जिनमें रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द करना और टेंपरिंग भी एक है। सस्पेंशन के तहत ईओ का हैड ऑफिस चंडीगढ़ लोकल बॉडीज दफ्तर तय किया गया है। ऐसे में हेड ऑफिस से बिना मंजूरी वह स्टेशन तक नहीं छोड़ सकती हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। इस बताया जा रहा है ईओ सस्पेंड होने के बाद भी दफ्तर आई थीं। उनका दफ्तर खुला पाया गया। टेबल पर कई फाइलें बिखरी पड़ी हैं। हालांकि सुरक्षा के लिए तैनात प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड यह बताने से डर रहा कि ईओ दफ्तर आई थीं। जब उनका दफ्तर खुले होने की बात उससे पूछी गई तो दबी आवाज में बताया कि आई थीं। जबकि बाहर धरने पर बैठे हुए लोग बेझिझक वीडियो में बताया कि ईओ दफ्तर पहुंची थीं। एक सीनियर एडवोकेट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नियम अनुसार सस्पेंड होने पर अफसर को ड्यूटी से अलग कर दिया जाता है। वह न तो काम कर सकता है और न ही दफ्तर में सामान्य रूप से उपस्थित हो सकता है। उसे सिर्फ गुजारा भत्ता मिलता है। वर्किंग डे हो या सरकारी अवकाश अफसर का दफ्तर में जाने का अधिकार नहीं बनता है। जब तक हेडऑफिस चंडीगढ़ से मंजूरी न ली हो। ईओ एक गजटेड अफसर होता है।


