सस्पेंशन के ऑर्डर के साथ घुटघुटकर जी रहे अमरीक बोले-पत्नी की मौत नहीं कत्ल हुआ, प्रिंस पर पर्चा हो

भास्कर न्यूज| लुधियाना 27 मार्च का दिन अमरीक सिंह के लिए बुरे सपने जैसा है। आप नेता से विवाद और सस्पेंशन के ऑर्डर के साथ वह घुटघुटकर जी रहे थे। उन्होंने अपने सस्पेंशन की बात पत्नी व कनाडा में रह रहीं दोनों बेटियों से छिपाई थी। फोन तक सुनने के लिए छत पर चले जाते थे। उन्होंने पत्नी को यह बताया था कि वे छुट्‌टी पर है। सस्पेंशन का लेटर घर पर नहीं पहुंचे, इसके लिए वह खुद ऑफिस के अधिकारियों के संपर्क में थे। साथी का फोन आने पर वह छत पर बात करने चले जाते थे लेकिन 23 अप्रैल को घरवालों के सामने ये राज खुल गया। उधर, चर्चा ये भी हुई कि इस प्रकरण को निपटाने के लिए एक बड़े नेता को फोन किया गया था। वार्ता के दौरान अमरीक सिंह को बहाल करने की बात कही गई थी लेकिन समय रहते इस मामले को सुलझाने में नेता ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। एडिशनल डायरेक्टर कम्युनिकेशन पीएयू टीएस रियाड़ ने कहा कि अमरीक सिंह ने बहाल करने को लेकर पीएयू प्रशासन को एप्लीकेशन दी थी, जिसके बाद तीन दिन का समय मांगा गया था एंक्वायरी के लिए। इसके बाद वीरवार को सुबह साढ़े 10 बजे बहाली का पत्र जारी कर दिया गया। वहीं अमरीक सिंह ने कहा कि जब उनकी पत्नी की मौत हो गई, उसके बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। मेरी पत्नी की मौत नहीं हुई बल्कि कत्ल हुआ है। इसका जिम्मेदार आप नेता परमवीर सिंह प्रिंस है जिस पर पर्चा दर्ज हो। हलका वेस्ट से कांग्रेस प्रत्याशी भारतभूषण आशु और शिअद प्रत्याशी परोपकार सिंह घुम्मन वीरवार की सुबह पीएयू मुलाजिम अमरीक सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने अमरीक सिंह की पत्नी के निधन होने पर संवेदना प्रकट की। सबसे पहले सुबह आशु वर्करों के साथ उनके घर पहुंचे लेकिन वह ज्यादा देर नहीं रुके। इसके बाद शिअद नेता घुम्मन ने पीड़ित पक्ष से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दीं। आशु ने कहा कि पीएयू परिसर शिक्षण संस्थान हैं जहां आप सरकार में राजनीतिक प्रोग्राम हो रहे हैं और राजनीति का अखाड़ा शिक्षण संस्थान को बनाना निंदनीय है। शिअद नेता घुम्मन ने कहा कि आप पार्टी धरने से निकली थी लेकिन आज वह डेमोक्रेसी समाप्त करने में जुटी है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस घटना के पीछे राज्य सरकार व प्रशासन की राजनीति है। एडवोकेट घुम्मन ने कहा कि इस घटना के संबंध में मौत के वास्तविक कारणों को समझते हुए मामला दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि परिवार को पूरा न्याय मिल सके। घुम्मन ने कहा कि वेस्ट चुनाव में घपलेबाजी होने की आशंका है। चीफ इलेक्शन ऑफीसर से लुधियाना सीपी स्वपन शर्मा का तबादला करने की मांग की है। माछीवाड़ा की गुरचरण कौर जैसे ही बहन बलवीर कौर की मौत की खबर सुन घर पहुंची, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार कहती रहीं कि कल ही तो बात हुई थी, सब ठीक था। अचानक क्या हो गया? उन्होंने बताया कि बलवीर कौर को अपने पति की रिटायरमेंट का बहुत इंतजार था और वह इसकी तैयारियों में लगी हुई थी, लेकिन उसकी अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है और खुशियों वाले घर का माहौल मातम में बदल गया है। पत्नी की मौत से स्तब्ध अमरीक सिंह ने कहा कि जब जरूरत थी तब कोई मदद को नहीं आया, इसलिए उनका घर राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं। अब राजनीतिक दल रोटियां सेकने आ रहे हैं जो सही नहीं है। जब वक्त मुश्किल था, तब कोई साथ खड़ा नहीं हुआ, अब सभी अपनी बात कहने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए मेरा परिवार, मेरी यूनियन और मेरे साथी ही हैं। इन्हीं लोगों ने मुझे इस क​ठिन घड़ी में संभाला, हौंसला दिया और कहा हम साथ हैं, घबराना नहीं। लुधियाना। पीएयू इंप्लाइज यूनियन के पूर्व प्रधान डीपी मौड़ ने बताया कि एक समय ऐसा था जब यूनिवर्सिटी में फेल स्टूडेंट को पास करने की सीएम की सिफारिश तक नहीं चलती थी। लेकिन अब कैंपस में राजनीतिक दखल बहुत बढ़ चुका है। यहां राजनीतिक चर्चाएं, दलजीत दोसांझ का शो, सरकार के अपॉइंटमेंट लैटर देने और चैक बांटने के कार्यक्रम यहां हो रहे हैं। कैंपस के अंदर कई तरह की एक्टिविटीज हो रही हैं जो एक शैक्षणिक संस्थान के लिए सही नहीं है। 2004 में उस समय के वीसी डॉ. केएस औलख ने अटल बिहारी वाजपेयी की रैली करने से मनाही कर दी थी। वर्तमान में अग्र नगर में जहां गुरु अंगद देव वेटरनरी व एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी का कैंपस है किसी समय वहां मक्की का खेत होता था। सरकार ने उसे बेच कर यूनिवर्सिटी को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए कहा लेकिन वीसी द्वारा उसकी भी मनाही कर दी गई। यूनिवर्सिटी प्रबंधन बेहद कमजोर हो चुका है जो यहां के स्टूडेंट्स, टीचर्स और किसानों के लिए बिल्कुल सही नहीं है। पहले कर्मचारियों के आवाज उठाने पर उसे सुना जाता था। लेकिन अब सरकार ने पुलिस फोर्स को ही सॉल्यूशन बना दिया है। ^अमरीक सिंह के सस्पेंशन के मामले में यूनियन ने मीटिंग की थी। यूनियन नेता व कर्मचारी अमरीक से मिलने उनके घर गए थे। बातचीत में अमरीक ने बताया कि आप नेता के सस्पेंड होने की खबर मिली है। इस मामले में किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं करवाना चाहते। -बलदेव सिंह वालिया, प्रेसिडेंट पीएयू एंप्लॉयज यूनियन

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