सहारनपुर में 10 हजार के लिए कोबरा से कटवाया, मौत:कहा था- मेरे पास जड़ी-बूटी, जहर का असर नहीं होगा, परिवार बोला- हत्या की गई

सहारनपुर में 10 हजार रुपये की शर्त पर कोबरा से अपने हाथ पर कटवाने वाले युवक की मौत हो गई। वह सड़क किनारे जड़ी-बूटी बेचता था। उसने दावा किया था कि उसकी जड़ी-बूटी से सांप के काटने का असर नहीं होगा। 10 हजार रुपए लेने के बाद युवक ने अपने हाथ की अंगुली में सांप से कटवा लिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करने से मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना। सभी के सामने कोबरा से अपने हाथों पर कटवाया। वहां मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बना लिया। हालांकि कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिवार के लोगों ने रेस्क्यू हीरो समेत पांच के खिलाफ FIR करवाई है। परिवार का कहना है कि सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। आरोपी अभी पकड़ से दूर है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला जानिए… मेरठ के बहसुमा थाना क्षेत्र में एक जगह है रामराज। इसे फिरोजपुर भी कहते हैं। यहां के रहने वाले सिकंदरनाथ (34) आंखों का सूरना और पेट की बीमारी दूर करने के लिए चूरन बेचता था। इसके लिए वह बाजार में करतब दिखाता था। बीन भी बजाता था। इसी के तहत पिछले महीने 10 नवंबर 2025 को वह सहारनपुर के थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव गणेशपुर पहुंचा था। वह अपने छोटे भाई करणनाथ के साथ बीन बजा रहा था और लोगों को करतब दिखा रहा था। उसके परिवार के मुताबिक इसी दौरान वहीं के रहने वाले मोहित कुमार पुत्र जीत सिंह, उसका भाई संजय/संजीव और उनके साथ आए 3-4 लोग मौके पर पहुंचे। वह लोग सिकंदरनाथ को झाड़-फूंक करने वाला बताकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि मोहित और संजीव अपने साथ एक डिब्बे में कोबरा सांप लेकर आए थे। कहा कि ‘अगर तुम असली करतब दिखाते हो तो इस सांप से कटवाकर दिखाओ।’ सिकंदरनाथ और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि दोनों भाई सिर्फ बीन बजाकर और चूरण-सूरमा बेचकर गुजारा करते हैं, किसी तरह की झाड़फूंक नहीं करते। आरोप है कि मोहित और उसके साथी नहीं माने और उन्होंने जबरदस्ती सिकंदरनाथ के हाथ पर कोबरा का कटवाकर वीडियो बनाया। सांप से कटवाने के बाद तबीयत बिगड़ी सांप के काटने के बाद छोटा भाई करण उसे अस्पताल ले जाना चाहता था, लेकिन मोहित और उसके साथी सिकंदरनाथ को रास्ते में ही रोकते रहे। इलाज के लिए भी नहीं जाने दिया और गाड़ी को भी खुद चलवाते रहे। धमकी दी गई कि ‘हम सरकारी रेस्क्यू टीम में हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।’ करणनाथ ने किसी तरह अपने साथियों सोनू, मनोज, संजय और चांद को बुलवाया। उनके आने पर मोहित व उसके साथी धमकाते हुए भाग गए। परेशान परिवार सिकंदरनाथ को लेकर पहले बिजनौर सिंह नर्सिंग होम पहुंचा। वहां हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही सिकंदरनाथ की मौत हो गई। अगले दिन 11 नवंबर को मेरठ में पोस्टमार्टम कराया गया। पीड़ित परिवार की सुनवाई नहीं हुई घटना के बाद परिवार ने थाना बिहारीगढ़ में तहरीर दी, लेकिन परिजनों का कहना है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के बाद उसके भाई सागरनाथ ने पूरे मामले की शिकायत करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा। 3 दिसंबर को पीड़ित फिर पुलिस कार्यालय पहुंचे। तहरीर में उन्होंने कोबरा से जबरन कटवाने, बंधक बनाकर रखने, धमकाने, वीडियो बनवाने और इलाज में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि ‘हम गरीब लोग हैं… हमारे भाई को साज़िश के तहत मरवा दिया गया। अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।’ SP देहात बोले, शर्त लगाकर सांप से कटवाया एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि दोनों के बीच 10 हजार रुपए की शर्त लगी थी। सिकंदरनाथ जड़ी बूटी बेचकर दावा कर रहा था कि कोई भी सांप यदि काट ले तो यह जड़ी बूटी उसे बचा लेगी। इसके बाद रेस्क्यूवर मोहित वहां से गुजर रहा था। तभी उसने सिकंदर नाथ से स्नेक बाइट करवरकर उसे जड़ी बूटी से बचने की बात की थी। सिकंदरनाथ के परिवार ने मोहित पर स्नेक बाइट के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा थाना बिहारीगढ़ में दर्ज हुआ है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी उसे अरेस्ट जल्द कर लिया जाएगा। …………………… ये खबर भी पढ़िए- वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश दूल्हा बने, बारात लेकर जयपुर रवाना:शेरवानी पहनी, हाथ में चांदी की छड़ी लेकर घुड़चढ़ी; जानिए कौन है दुल्हनिया? वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय 5 दिसंबर को जयपुर में शादी करेंगे। इससे पहले वृंदावन के रमणरेती में स्थित उनके आवास पर हल्दी-संगीत और विवाह की रस्में निभाई गईं। बुधवार को दूल्हा बने इंद्रेश महाराज की घुड़चढ़ी हुई। वे बारात लेकर जयपुर रवाना हुए। इंद्रेश महाराज ने ऑफ व्हाइट कलर की शेरवानी पहनी। सिर पर पगड़ी और हाथों में चांदी की छड़ी ले रखी थी। घोड़ी पर उनके साथ उनकी भतीजी बैठी थी। बारात में हाथी-घोड़े शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर

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