अलवर शहर में रामगढ़ रोड नेशनल हाइवे पर सहारा की करीब 50 बीघा जमीन को गुपचुप खरीद कर अवैध प्लॉटिंग करने के मामले में सरकार ने UIT के अधीक्षण अभियंता तैयब खान को APO कर दिया। इस जमीन के मामले में यह पहली गाज गिरी है। 5 दिन पहले यूआईटी ने जमीन पर बुलडोजर चला अवैध प्लॉटिंग के कच्चे रोड को हटाया था। तब यह सामने आया था कि जमीन सहारा से मीडिया कंपनी ने खरीदी थी। उसमें से कुछ जमीन यूआईटी के अफसर तैयब खान के रिश्तेदार मजीद खान ने खरीदी थी। तब यह माना गया कि सहारा कीजमीन पर अवैध प्लॉटिंग के पीछे यूआईटी के अधिकारी का हाथ हो सकता है। इसके बाद उप शासन सचिव राष्ट्रदीप यादव ने अफसर को एपीओ करने के आदेश जारी कर दिए। वहीं एपीओ करने को लेकर यूआईटी की सचिव स्नेहल को जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि मुझे पता नहीं है। हमारे यहां किसी तरह की जांच भी नहीं चल रही है। भूमाफियाओं ने बिना यूआईटी से अनुमति लिए इस पूरे क्षेत्र में बड़े-बड़े प्लॉट काट दिए थे। 60–60 फीट चौड़ी कच्ची सड़कें बनाकर तीन बड़े एंट्री गेट भी तैयार किए गए थे। कुछ प्लॉट तो एग्रीमेंट पर बेच भी दिए गए थे। सूचना पर गुरुवार को यूआईटी की टीम पांच बुल्डोजर, महिला पुलिस और करीब 10 जवानों के साथ अवैध लेआउट को ध्वस्त करना दिया। कार्रवाई के दौरान सभी प्लॉटों की कच्ची सड़कें खुदवा दी गई, तीनों एंट्री गेट तोड़ दिए गए और रास्तों में गड्ढे डालकर उन्हें बंद कर दिया गया। यूआईटी के ERO मानवेंद्र जायसवाल ने बताया कि यह जमीन कृषि भूमि है। इस पर अवैध प्लॉटिंग नहीं हो सकती है। इसलिए तोड़ा गया। सहारा की जमीन को लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। उधर सहारा कंपनी में काम कर रहे अलवर में कार्यरत सुभाष ने बताया कि यह सहारा की जमीन ईडी से अटैच है। इसके बावजूद जमीन का बेचान हो गया। जो नहीं हो सकता है। हम यह मान रहे थे कि यह जमीन बेचकर सहारा में निवेश करने वालों को उनका पैसा लौटाया जाएगा। लेकिन यहां अचानक जमीन बिक गई। उस पर भू माफिया प्लॉटिंग करने में लगे हैं।


