भास्कर न्यूज | अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर केंद्रीय वित्त आयोग की ग्रांट रोकने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कई गांवों के सरपंचों की ओर से दी गई जानकारियों का हवाला देते हुए उक्त आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार केंद्र सरकार की ओर से आने वाली ग्रांट के जरिए होने वाले विकास कार्यों में जानबूझ कर अड़चन पैदा कर रही है। सांसद औजला ने कहा कि वित्त आयोग की ग्रांट किसी पार्टी, गुट या विचारधारा के आधार पर नहीं दी जाती, बल्कि यह जनता की ओर से चुने गए प्रत्येक सरपंच का कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों ‘आप’ सरकार की ओर से विपक्षी दल से जुड़े सरपंचों को निशाना बनाकर उनकी ग्रांटें रोकी जा रही हैं। सांसद औजला ने डिप्टी कमिश्नर, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को भी चेतावनी दी और कहा कि यदि यह कार्रवाई तुरंत बंद नहीं की गई, तो इस मामले को प्रिविलेज कमेटी और माननीय हाईकोर्ट तक ले जाकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरपंचों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोकतंत्र, संविधान तथा गांवों के विकास की रक्षा के लिए हर मंच पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।


