डीएमएफटी फंड को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कलेक्टर टीना डाबी को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी मर्जी से करने थे तो हमारा समय क्यूं खराब किया। आप बताएं आप क्लियर बता दो कि हमारे ऊपर दबाव था हम नहीं कर पाए। कलेक्टर टीना डाबी इस दौरान नियमों को हवाला देते नजर आए। दरअसल, डीएमएफटी (डिस्ट्रिक मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) की मीटिंग 2 अगस्त को हुई थी। जिसमें मंत्री के.के विश्नोई, सांसद और विधायक मौजूद थे। उन्होंने माइनिंग प्रभावित इलाकों में विकास कार्यो के लिए अनुमोदन किया था। लेकिन शिव विधानसभा में जो काम स्वीकृत होने थे, वो नहीं हुए थे। इस पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कोर्ट की शरण ली। भाटी का कहना है— डीएमएफटी के रुल्स के विपरित कलेक्टर ने नॉन माइनिंग एरिया में भी स्वीकृतियां जारी की है। मैंने हाईकोर्ट में रिट लगाई है, इसका कलेक्टर से 4 वीक में जवाब मांगा है। जिन एरिया में खनन ही नहीं हो रहे है, वहां करोड़ों रुपए बांट दिए गए। मैंने मीटिंग में भी आपत्ति जताई थी। जिस एरिया में खनन के पट्टे ही नहीं है, वहां भी बजट दिया गया है। चौहटन, गुड़ामालानी में बहुत कम पट्टे है, जबकि बजट ज्यादा दिया है। इस पर कलेक्टर ने कोर्ट में केविएट लगा दी थी। मंगलवार रात को 9 बजे तक चली दिशा मीटिंग में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- मंत्री फोन करके बोल दे कि डीएमएफटी का पैसा वहां पर खर्च कर दो आप वहां पर खर्च कर दोंगे। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अधिकारियों से पूछा मीटिंग क्यूं करवाते हो। मीटिंग का औचित्य क्या है हम लोगों को क्यूं समय खराब किया। प्लान था इसका अवलोकन करना था, मीटिंग में चर्चा होती है। अकेले में करनी थी तो अकेले में कर देते। क्यूं बुलाया हम सबको। सांसद ने कहा कलेक्टर टीना डाबी से पूछा बताएं आप। इसके बारे में आप बताओं आपकी अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। आपकी मर्जी से करने थे हमारा समय क्यूं खराब किया। आप बताएं। आप क्लियर बता दो कि हमारे ऊपर दबाव था हम नहीं कर पाए। कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि हमने सबकुछ नोर्मस के अनुसार किया है। डिस्ट्रिक्ट से सेक्टर वाइज प्रायोरिटी से किया है। मीटिंग में हर लाइन रिकॉर्ड नहीं होती है लेकिन मोटा-मोटा रिकॉर्ड होता है। अगर कुछ मिस हुआ है तो अगली बार केयरफुल होकर सेक्शन करेंगे। तभी विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- अगली बार मीटिंग कब होगी। यह मीटिंग कितने साल बाद हुई है एमसी साहब बताएं। तभी अधिकारी ने बोला चार साल बाद हुई है। अगली मीटिंग चार साल बाद होगी। अधिकारी ने कहा पहले कर देंगे। करने में तो बहुत कुछ कर सकते है लेकिन किया नहीं। लगभग तीन से चार साल मीटिंग में ले ही लेंगे। अब यह मीटिंग चार साल बाद कि क्या समोसा खाने के लिए की थी। काम इतने सारे आए है एमपी साहब ओर बाकी सारे विधायकों ने भी दिए थे। यह कोई घर पर ले जा रहे थे। यह तो माइनिंग इंफेक्ट एरिया वहां पर खर्च होने चाहिए थे।


