भास्कर न्यूज | बड़की सरिया 2019 में बिजली कार्य के दौरान हादसे का शिकार हुए शंभू कसेरा को अब तक बिजली विभाग में काम नहीं मिला। सरिया प्रखंड के विवेकानंद चौक निवासी शंभू कसेरा 13 जून 2019 को हाई टेंशन 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह संविदा पर बिजली विभाग में कार्यरत थे। हादसे के बाद उन्होंने किसी तरह सामाजिक सहयोग से इलाज करवाया। शंभू ने सांसद अन्नपूर्णा देवी और तत्कालीन विधायक बिनोद कुमार सिंह को मामले की जानकारी दी। इसके बाद सांसद के अपर निजी सचिव निरंतर कुमार सिंह ने बिजली विभाग और गिरिडीह डीसी को पत्र लिखकर शंभू के भरण-पोषण और इलाज की व्यवस्था कराने की अनुशंसा की थी। चूंकि वह एसडीओ और अन्य अधिकारियों के निर्देश पर ही बिजली विभाग का काम करता था। इसलिए विभाग को उनकी जिम्मेदारी लेनी थी। 18 दिनों तक काम लेने के बाद फिर हटाया 15 मार्च 2024 को बिजली विभाग के जीएम ने एसडीओ डुमरी को शंभू को काम पर रखने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने 18 दिन तक पावर सब-स्टेशन में ऑपरेटर का काम किया। फिर विभाग ने आईटीआई और उच्च शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की मांग की, जो उनके पास नहीं थे। पहले काम के दौरान विभाग ने कोई दस्तावेज नहीं मांगे थे, लेकिन अब कागजात के अभाव में उन्हें हटा दिया गया। शंभू की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली विभाग ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो वह गिरिडीह जीएम कार्यालय के पास आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने स्थानीय जनता और अधिकारियों से आर्थिक सहयोग की अपील की है।


