विकासनगर क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड बुजुर्ग दंपती 15 दिनों से साइबर ठगों के डर के साये में जी रहे थे। खुद को दिल्ली पुलिस का कमिश्नर बताने वाले ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। हालत यह हो गई कि बुजुर्ग जीवनभर की कमाई 60 लाख रुपए ठगों के बताए खाते में भेजने की तैयारी कर चुके थे। इंदौर में रहने वाली बेटी की सतर्कता और नीमच साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से ठगी आखिरी वक्त पर नाकाम हो गई। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को बड़े अधिकारी बताकर दंपती पर लगातार नजर रखी और उन्हें किसी से बात न करने, घर से बाहर न निकलने का आदेश दिया। डर के चलते दंपती अपनी सभी एफडी तुड़वाकर रकम ट्रांसफर करने वाले थे। इसी बीच उन्होंने बेटी से प्रक्रिया पूछी। कारण स्पष्ट न बता पाने पर बेटी को शक हुआ। इंदौर में साइबर अपराध पर हुए एक सेमिनार की जानकारी के चलते उन्होंने इंदौर क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। एसपी की अपील: डरें नहीं, तुरंत पुलिस काे सूचना दें
एसपी जायसवाल ने लाेगाें को सचेत करते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी या पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करती है। यदि कोई आपको डराने की कोशिश करे या गोपनीय जानकारी मांगे तो डरें नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।


