दुमका|तालझारी थाना की पुलिस ने 15 दिसंबर को सकरी गांव के मैदान से 25 साल के विकास यादव का शव बरामद किया था। बांका के जयपुर निवासी विकास की उसकी करीबियों ने ही गोली मारकर हत्या की थी। हत्या साइबर अपराध के पैसों के लेनदेन को लेकर हुई थी। पुलिस ने हत्या में शामिल सरैयाहाट के धीरज कुमार, अरविंद कुमार, नितेश कुमार उर्फ विडडू और देवघर के मोहनपुर निवासी चंद्रकांत यादव को बुधवार की शाम जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपित सरैयाहाट का संदीप यादव फरार है। उसने ही विकास को गोली मारी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पंच कार, पिस्टल व एक कारतूस बरामद किया है। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि शव मिलने के बाद एसआइटी का गठन किया गया। अनुसंधान के क्रम में मोहनपुर के चंद्रकांत यादव को हिरासत में लिया गया। वह पहले भी आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है। उसकी निशानदेही पर बाकी अन्य आरोपित को पकड़ा गया। बताया कि मृतक और आरोपित साइबर अपराधी है। संदीप यादव की शादी जयपुर थाना क्षेत्र के जरूवाडीह गांव में हुई थी। विकास भी वहां का रहने वाला था, इसलिए दोनों में दोस्ती थी। विकास साइबर अपराध से जुटाया गया पैसा संदीप को वापस नहीं कर रहा था। इस बात को लेकर दोनों में रंजिश भी चल रही थी। विकास की हत्या करने के लिए उसे बहाने से लेकर आया था। मुख्य आरोपित चंद्रकांत ने बताया कि हत्याकांड में संदीप की कार का इस्तेमाल किया गया था। संदीप ही विकास को पत्नी को विदा करने के बहाने लेकर आया। तालझारी के पास उसने विकास को कार से उतारकर गोली मार दी और कार छोड़कर जसीडीह भाग गया।


