कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर मुक्ति’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कंबोडिया से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बानसूर निवासी मुख्य दलाल सुरेश सैन को गिरफ्तार किया है, जो भारतीय युवकों को कंबोडिया भेजकर उनसे हजारों करोड़ रुपए की ठगी करवाता था। सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों का झांसा देते थे
एसपी ने बताया-यह चीनी साइबर गिरोह कंबोडिया से डिजिटल अरेस्ट, फेक वेबसाइट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के जरिए भारतीय नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी टेलीग्राम, वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम विज्ञापनों का उपयोग कर शेयर मार्केट के नाम पर असली ऐप से मिलते-जुलते फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट बनाते थे। बानसूर का रहने वाला एक दलाल गिरफ्तार
गिरोह के सदस्य कंबोडिया स्थित फर्जी कॉल सेंटरों से खुद को सीबीआई, पुलिस, ईडी या कस्टम अधिकारी बताकर भारतीयों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर ठगी करते थे। मुख्य दलाल सुरेश सैन, रामनगर (बानसूर) का रहने वाला है, जिसे युवकों को विदेश भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस गिरोह ने सैकड़ों युवकों को कंबोडिया भेजा है, जिनमें अकेले बानसूर क्षेत्र से 50 से अधिक युवक शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 15 संदिग्धों से पूछताछ की है और 25 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। विदेश भेजे गए युवकों की पहचान प्रक्रिया जारी है, और पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तथा आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटपूतली-बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों को कंबोडिया भेजा जा रहा है। ये युवक वहां चीनी कंपनियों द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटरों में बैठकर भारतीय लोगों से बड़ी-बड़ी राशि की ठगी कर रहे थे। इस सूचना पर पुलिस टीमों ने बानसूर, रामनगर, गुता, बूचियावास, मौठुका, फतेहपुर, संथालपुर, लेकड़ी, आलमपुर और बाबरिया सहित कई क्षेत्रों में दबिश देकर 41 लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि बानसूर, कोटकासिम और मुंडावर से बड़ी संख्या में लोग कंबोडिया जाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं।


