भास्कर न्यूज | अमृतसर रोटरी क्लब ऑफ अमृतसर की ओर से स्थानीय होटल में ‘साइबर स्कैम, सिक्योरिटी एवं सेफ्टी’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और साइबर क्राइम विशेषज्ञ पंचम नारंग ने कहा कि साइबर ठगी से बचने का एकमात्र रास्ता जागरूकता ही है। विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया कि पुलिस और साइबर सेल के कर्मचारी अक्सर बिना किसी बड़ी पहुंच (अप्रोच) या बहुत बड़े स्कैम के बिना प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने में विशेष दिलचस्पी नहीं लेते। इसकी एक वजह यह भी है कि साइबर फ्रॉड की संख्या इतनी बढ़ गई है कि पुलिस के पास इन मामलों के निपटारे के लिए समय का अभाव है। कुछ बड़े केसों को छोड़कर सुरक्षा एजेंसियां इन्हें हल करने में खास रुचि नहीं दिखातीं, इसलिए नागरिकों को खुद सतर्क रहना होगा। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान फोन कॉल या ईमेल का जवाब न दें। पंचम नारंग ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर क्राइम के जाल में बुजुर्ग व कम पढ़े-लिखे लोग अधिक फंस रहे हैं। अपराधी उनकी उम्र और जानकारी के अभाव का फायदा उठाते हैं। 50 प्रतिशत से अधिक मामले इसी श्रेणी के लोगों या ग्रामीण निवासियों के साथ हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द पुलिस, सीबीआई या ईडी की शब्दावली में नहीं है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। यदि किसी जांच एजेंसी को पूछताछ करनी होती है, तो वे व्यक्ति को थाने बुलाते हैं, सीधे घर पहुंचते हैं या कार्रवाई से पहले लिखित नोटिस/समन भेजते हैं। वीडियो कॉल पर अरेस्ट करने की बात पूरी तरह फर्जी है। इससे पहले क्लब के अध्यक्ष मोहिंदरपाल शर्मा, पूर्व गवर्नर सीए दविंदर सिंह, सुदर्शन कपूर और सचिव इंजीनियर मनजीत सिंह ने मुख्य अतिथि पंचम नारंग को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान होटलियर मनमीत सिंह अरोड़ा, सुरिंदर सिंह गांधी, प्रिंसिपल सिम्मी गांधी और रीटा शर्मा ने विशेषज्ञों से सवाल किए, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर दिया। इस अवसर पर रोटेरियन राजीव खन्ना, राजेश मेहरा, आरएस बावा, जैसमीन गिल, निर्मल सिंह आनंद, किरण गुप्ता, नीलम कामरा और डॉ. तेजपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।


