जैसलमेर जिले के देगराय ओरण इलाके के छोड़िया सरहद स्थित ईडेरी तालाब के पास हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक प्रवासी कुरजां पक्षी की मौत हो गई। ग्रामीण घमुराम ने घटना की सूचना पर्यावरण प्रेमी सुमेरसिंह भाटी को दी, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर वन विभाग को जानकारी दी। डाबला रेंज से पहुंचे वनकर्मी सुदामाराम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृत कुरजां को दफनाया। गौरतलब है कि ओरण क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस सीजन में हाईटेंशन लाइनों से टकराकर अब तक 15 पक्षियों की मौत हो चुकी है। सुमेर सिंह ने बताया – ‘हाईटेंशन लाइनों को भूमिगत करने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण पक्षियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।’ अब तक 15 पक्षियों की हो चुकी है मौत
स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार प्रवासी पक्षी बिजली लाइनों से टकराकर अपनी जान गंवा रहे हैं। देगराय ओरण में इस माह अब तक 15 से अधिक पक्षियों की मौत दर्ज की जा चुकी है। इनमें कुरजां के अलावा टोनी ईगल, स्टेपी ईगल, बाज और गिद्ध जैसी दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं। हाईटेंशन लाइनें इनके लिए घातक साबित
पर्यावरण प्रेमी सुमेरसिंह सावंता का कहना है कि देगराय ओरण प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का प्रमुख विचरण क्षेत्र है, जहां हर साल हजारों पक्षी पहुंचते हैं। लेकिन ओरण के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें इनके लिए घातक साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार ज्ञापन देने और प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई है। ओवरहेड लाइनों को भूमिगत करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईटेंशन लाइनों को भूमिगत करने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण पक्षियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। लगातार हो रही मौतों से वन्यजीव प्रेमियों में रोष है और उन्होंने त्वरित समाधान की मांग की है, ताकि देगराय ओरण में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


