सागर के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की छात्रा ने अपने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। रूममेट पहुंची तो मामला सामने आया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया है। गोपालगंज पुलिस मामला दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात रेश्मा लोधी निवासी सिंदुरसी कटनी ने थाने में आकर शिकायत की। शिकायत में बताया कि वह यादव कॉलोनी में किराए का कमरा लेकर रह रही है। उसके साथ शालिनी पिता राजेंद्र सिंह राजपूत उम्र 21 साल निवासी नीमखेड़ा कटनी रहती थी। रेश्मा शुक्रवार शाम चाय पीने के लिए रूम से बाजार गई थी। रूम पर शालिनी अकेली थी। कुछ देर बाद वह चाय पीकर रूम पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। अंदर से बंद था दरवाजा
रेश्मा ने बताया कि आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर मकान मालिक दुर्गेश यादव को सूचना दी। वे आए और उन्होंने वेल्डिंग वाले को बुलाया। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। जहां देखा तो किचन में शालिनी का शव फंदे से झूल रहा था। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया। परिवार वालों को सूचना दी। शनिवार को परिवार के लोग सागर पहुंचे। पुलिस ने परिवार वालों के बयान लिए हैं। बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी
मृतका शालिनी राजपूत सागर के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी। वह यादव कॉलोनी में रूममेट के साथ किराए के कमरे में रहती थी। मामले में मृतका के पिता राजेंद्र सिंह ने कहा कि बेटी ने मुझसे कोई बात नहीं है। बेटे से बात हुई थी। लेकिन अभी मुझे कोई जानकारी नहीं है। वह सागर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मामले की उचित जांच की जाए। परिवार के अन्य सदस्यों ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य बिंदुओं पर जांच कर आत्महत्या का कारण पता करने की मांग की है।


