आधार और ई-केवाईसी जैसी पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू होने के बावजूद राजधानी की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गड़बड़ियां जारी हैं। खाद्य अमले की सघन जांच में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कहीं गेहूं के स्टॉक के नाम पर बोरियों में भूसा भरा मिला तो कहीं तय स्टॉक से अलग 72 बोरियों में चावल जमा कर कालाबाजारी की तैयारी की गई थी। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला आपूर्ति नियंत्रक ने सात राशन दुकानों को तत्काल निलंबित कर दिया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन को राशन वितरण में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को पीडीएस दुकानों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में अलग-अलग क्षेत्रों की सात दुकानों की जांच की गई, जहां स्टॉक में हेराफेरी, कम राशन वितरण और अतिरिक्त भंडारण जैसे गंभीर मामले उजागर हुए। 15 बोरियों में भूसा भरकर स्टॉक मिलान जांच के दौरान दुकान नंबर-62, जय लक्ष्मी प्राथमिक भंडार में गेहूं के स्टॉक का मिलान करने के लिए 15 बोरियों में भूसा भरा हुआ पाया गया। यहां गेहूं 42.43 क्विंटल और चावल 28.83 क्विंटल कम मिला, जबकि नमक 2.16 क्विंटल और शक्कर 5 किलो अधिक पाई गई। चावल की कालाबाजारी की तैयारी दुकान नंबर-67, सक्षम प्राथमिक भंडार, बंजारी में स्टॉक से अलग 72 बोरियों में चावल रखा मिला, जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से जमा किया गया था। यहां गेहूं 1.29 क्विंटल अधिक और चावल 6.20 क्विंटल कम पाया गया। अतिरिक्त चावल को जब्त कर लिया गया है। अन्य दुकानों में भी भारी अनियमितताएं शिकायत करें: जिला आपूर्ति नियंत्रक जादौन ने उपभोक्ताओं से कहा है कि यदि किसी राशन दुकान पर गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी शिकायत करें।


