आदिवासी विकासखंड खालवा से मजदूरी करने गए सात युवकों के महाराष्ट्र में बंधक बनाए जाने की आशंका सामने आई है। इस मामले में पीड़ित युवकों के परिजन खालवा थाने पहुंचे और पुलिस से उन्हें मुक्त कराने की गुहार लगाई। देवलीखुर्द निवासी भैयालाल पुत्र मांगीलाल काजले ने बताया कि जनवरी महीने में उनके बेटे राहुल, कोमल सहित गांव के अरुण पिता मोतीराम और विशन पटेल समेत कुल सात युवकों को राजस्थान निवासी आशिक नामक ठेकेदार ने प्रतिदिन 800 रुपए मजदूरी का लालच देकर थ्रेसर पर काम कराने के लिए महाराष्ट्र के सोलापुर ले गया था। महाराष्ट्र में बंधक होने की आशंका भैयालाल के अनुसार, कुछ दिनों बाद ठेकेदार का मोबाइल बंद हो गया और युवकों के मोबाइल भी लगातार बंद आने लगे। शनिवार को उनके बेटे ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर बताया कि सभी युवकों को सोलापुर में बंधक बनाकर रखा गया है और उनके मोबाइल भी छीन लिए गए हैं। युवक ने पुलिस को सूचना देकर उन्हें छुड़ाने की गुहार लगाई। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही परिजन रविवार को खंडवा पहुंचे और मंत्री विजय शाह के बंगले पर गए, जहां मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने मंत्री के स्टाफ को पूरे मामले से अवगत कराया, जिसके बाद उन्हें खालवा थाने में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। वास्तविक स्थिति का पता लगा रहे हैं मंगलवार को ग्राम कोटवार आशाराम के साथ परिजन खालवा थाना पहुंचे। पुलिस ने युवकों के फोटो, आधार कार्ड, ठेकेदार का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। खालवा थाने के एसआई भुवनसिंह वास्कले ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक किसके साथ और कहां मजदूरी करने गए हैं। परिजनों से ठेकेदार की पूरी जानकारी और संपर्क नंबर लाने को कहा गया है, जिससे युवकों की तलाश कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।


