कांस्टेबल की मौत के बाद उनके बैच के साथी आर्थिक संबल बन गए। बैच के सभी साथियों ने मिलकर 10.61 लाख रुपए जुटाए और परिवार के आठ सदस्यों के नाम एफडी करवा दी। राजस्थान पुलिस में 2008 बैच के कांस्टेबल उदाराम (38) की 8 महीने पहले ब्रेन हेमरेज से आकस्मिक मौत हो गई, उस दौरान उनकी सोडाला थाने में पोस्टिंग थी। परिवार पर अचानक ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा, इससे बुर्जुग माता-पिता, प|ी और पांच बेटियां अनाथ हो गए। ऐसे में परिवार की स्थिति देखकर बैच के सबसे सीनियर साथी रामप्रताप फौजी ने सभी बैचमेट साथियों से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। उसके बाद बैच के साथियों ने मिलकर 4.61 लाख रुपए की राशि को एकत्र की। इस मुहिम को देखते हुए तत्कालीन एसीपी सोडाला और एसएचओ भी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद राजस्थान पुलिस के विभिन्न जिलों में तैनात जवानों ने परिवार के लिए 6 लाख रुपए की आर्थिक मदद जुटाई। इस तरह 10 लाख 61 हजार रुपए राजस्थान पुलिस के जवानों ने जुटाए। फुटबॉल के राज्य स्तरीय खिलाड़ी उदाराम बालोत्रा के रहने वाले थे। वे फुटबॉल के राज्यस्तरीय खिलाड़ी रहे। उनके सबसे बड़ी बेटी की उम्र 15 साल और सबसे छोटी बेटी की उम्र 3 साल है। उन्होंने बैच में 150 जवानों ने एक साथ ट्रेनिंग ली थी। राजस्थान पुलिस के जवानों ने राशि जुटाने के बाद पांचों बच्चियों के खाते खुलवाए। उसके बाद प्रत्येक बच्ची के खाते में 70-70 हजार रुपए की एफडी कराई। इसके अलावा 50 हजार रुपए माता-पिता के और 50 हजार रुपए की एफडी प|ी भूरी देवी के नाम कराई गई।


