भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी प्रखंड के साबड़ा गांव में बांग्ला कैलेंडर के पौष माह की तीसरी तिथि को आयोजित विख्यात एक दिवसीय दारहा मेला शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दारहा जोरिया के किनारे स्थित दारहा बाबा स्थान पर लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। मेले का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है। चंदनकियारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के अलावा बोकारो, धनबाद एवं अन्य इलाकों से श्रद्धालु दारहा बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। मान्यता है कि सच्चे मन से मन्नत मांगने पर बाबा श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि सभी जाति एवं धर्म के लोग यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। शनिवार अहले सुबह से ही पूजा एवं बलि देने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां बकरा एवं मुर्गा बलि की परंपरा है। मेले के विभिन्न पंडालों में आदिवासी नृत्य का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। मेले में हस्तनिर्मित सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने, खाद्य सामग्री के साथ-साथ पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों की भी बिक्री हुई। बच्चों एवं युवाओं के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस सहित कई झूले एवं खेल-तमाशे लगाए गए थे।


