लुधियाना| यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रेड यूनियन्स (यूएफटीयू) से संबंधित विभिन्न ट्रेड यूनियनों तथा किसान संगठनों ने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन्स (वफ्टू) के आह्वान पर वेनेजुएला के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया। इस विरोध प्रदर्शन में एटक, इंटक, सीटू, सीटीयू पंजाब, मोल्डर एंड स्टील वर्कर यूनियन, एफटू से संबद्ध यूनियनें तथा विभिन्न किसान यूनियनें शामिल रहीं। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’, डोनाल्ड ट्रंप की गुंडागर्दी नहीं चलेगी”, ‘धक्केशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और उस पर लगाए गए आर्थिक दबाव लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं, जिनका पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए।आगुओं ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा देश में ट्रेड यूनियन अधिकारों पर किए जा रहे हमलों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और श्रमिक विरोधी नीतियां थोपकर मेहनतकश वर्ग को दबाने की कोशिश की जा रही है। ट्रेड यूनियन नेताओं ने ऐलान किया कि ऐसे किसी भी कदम का संगठित रूप से विरोध जारी रहेगा।इस पुतला फूंक प्रदर्शन में प्रमुख रूप से एमएस भाटिया, अमर नाथ कूमकलां, गुरजीत सिंह जगपाल, जगदीश चंद, जय प्रकाश नारायण, हरजिंदर सिंह, रमेश रतन, सौदागर सिंह घुडाणी, हरनेक सिंह गुज्जरवाल, अमरजीत सिंह शहजाद, मनोहर सिंह कलाहड़, हरबंस सिंह, बेअंत सिंह, जोगिंदर राम, बलराम सिंह, अजीत कुमार और टाइगर सिंह सहित बड़ी संख्या में मजदूर नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि दुनिया भर के मजदूर संगठन साम्राज्यवाद और शोषण के खिलाफ एकजुट हैं और वेनेजुएला की जनता के संघर्ष के साथ खड़े रहेंगे।


