चाईबासा के सारंडा जंगल में गुरुवार को झारखंड में अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ हुई। ऑपरेशन ‘मेगाबुरू’ के दौरान कुमडी गांव के पास सुरक्षा बलों ने 5 इनामी समेत 15 नक्सलियों का मार गिराया। इनमें 100 से अधिक नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड और 2.35 करोड़ का इनामी अनल दा उर्फ पतिराम माझी भी शामिल है। अनल दा पर झारखंड में 1 करोड़, ओडिशा में 1 करोड़ 20 लाख और एनआईए की ओर से 15 लाख का इनाम घोषित था। 14 नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। कुमडी से सटे करीब 12 किलोमीटर इलाके में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर के करीब 4000 जवानों ने चारों ओर से घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। नक्सलियों के शव और बरामद हथियार को शुक्रवार दिन में जंगल से बाहर निकाला जा रहा है। बताते चलें कि बुधवार दोपहर करीब एक बजे मुठभेड़ शुरू हुई। गुरुवार सुबह पांच बजे के बाद कई घंटों तक लगातार गोलीबारी होती रही। दोपहर करीब तीन बजे के बाद नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई। ऑपरेशन के दौरान तीन हेलीकॉप्टर, नाइट विजन हाई रेंज ड्रोन और सैटेलाइट मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षा बलों ने हेलीकॉप्टर से भी फायरिंग की। कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा- सर्च अभियान जारी रहेगा आंखों देखी: सुरक्षाबलों-नक्सलियों के बीच मुठभेड़
छोटानगरा थाना से लगभग 20 किमी दूरी तय कर कुम्हाडीह के होंजेदिरी टोला में नक्सली और सुरक्षाबलों के बीच वार जंक्शन में पहुंचे। नजारा यह था कि सारंडा जंगल के बीच सुरक्षाबल के जवानपेड़ की ओट के सहारे मोर्चा संभालते हुए सामने जंगल की ओर फायरिंग कर रहे थे। गोलियों की तड़तड़ाहाट से पूरा जंगल कांपने लगा। इधर जवानों ने पत्रकारों से सुरक्षा के दृष्टिकोण सेआगे नहीं बढ़ने की हिदायत दी। फिर हमलोगों ने मुठभेड़ वाले इलाके से 100 मीटर दूर आकर वाच करने लगे। नजारा यह था कि टोले में स्थित लगभग 20 परिवार के लोग जारी मुठभेड़ के कारण अपने-अपने घरों में दुबके हुए थे। मुठभेड़ स्थल से 100मीटर की दूरी पर टोले में मिलेइक्का-दुक्का ग्रामीणों ने बताया कि सुबह 6 बजे से ही नक्सली औरजवानों के बीच मुठभेड़ जारी है।


