शहर में एक ओर जहां प्रशासन साफ-सफाई के प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहरवासी कब अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, यह बड़ा सवाल है। शरीफपुरा चौक के पास इसका शर्मनाक उदाहरण देखने को मिलता है, जहां लोग खुले में शौच करने से जरा भी नहीं हिचकते। यह स्थिति तब है जब प्रशासन द्वारा इस इलाके में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था की गई है। बीआरटीएस बस स्टॉप के पास लोग बिना किसी शर्म के खुले में ही पेशाब करते रहते हैं, जबकि इसी बस स्टॉप की दूसरी तरफ सड़क पर प्रशासन द्वारा शौचालय बनाया गया है। यह दिखाता है कि लोग एक अच्छे नागरिक की भूमिका निभाने को तैयार नहीं हैं। यह न केवल स्वच्छता अभियान का मखौल है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की मर्यादा को भी भंग करता है। जरूरत है कि शहरवासी अपनी जिम्मेदारी को समझें और नागरिक सुविधाओं का सही इस्तेमाल करें।


