सार्वभौमिक प्रेम और भक्ति सिखाती है भागवत : तिवारी

भास्कर संवाददाता | बासवा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथा वाचिका मुक्तामणि तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सुनाई। पुतना वध, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन व गोवर्धन पूजा का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा इंद्र के अभिमान को तोड़कर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया और ब्रजवासियों की रक्षा की। यशोदा मैया को मुख में पूरा ब्रह्मांड दिखाने व कंस वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा गो माता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। जो मनुष्य सुबह उठकर गो माता के दर्शन कर लेता है उसे सभी देवी-देवताओं के दर्शन हो जाते हैं। हर घर में गो माता होना चाहिए। जिस घर में गो माता की रोजाना पूजा होती है, वहां कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। यदि मनुष्य ने गो माता के दर्शन कर लिए तो उसे किसी दूसरे दर्शन की जरूरत नहीं है। भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य माया से मुक्ति व परम सुख मोक्ष प्राप्त करना है। यह ग्रंथ सार्वभौमिक प्रेम व भक्ति सिखाता है। इससे दुख, मोह व भय समाप्त होते है। उन्होंने कलह व क्लेश से भरे कलयुग के जीवों के लिए भागवत कथा को शुद्धिकरण व मोक्ष का सर्वश्रेष्ठ उपाय बताया।

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