राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के आदेशानुसार इस साल की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। लोक आदालत को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। राजीनामें के माध्यम से किया जाएगा प्रकरणों को निस्तारण जिला एवं सेशन न्यायाधीश,अभय जैन ने बताया की न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं, राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय के सिविल,फौजदारी प्रकरणों के अलावा राजस्व मामलों को भी राजीनामें के माध्यम से प्रकरणों को निस्तारण किया जाएगा।भीलवाडा जिले में राजीनामें हेतु चिन्हित प्रकरणों के लिए 20 बैंचों का गठन किया गया हैं जिसमें न्यायिक अधिकारी एंव राजस्व अधिकारी एवं अनुभवी अधिवक्ता सदस्य द्वारा पक्षकारों में समझाईस कर प्रकरणों को निस्तारण किया जाएगा। आपसी बातचीत व राजीनामें से विवाद निस्तारण का प्रयास प्राधिकरण के सचिव विशाल भार्गव ने बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य सभी प्रकृति के मुकदमो को आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा।प्राधिकरण सचिव द्वारा आमजन से अपील की है कि मुकदमा पूर्व में रखी गई बैंक , बिजली व अन्य संस्था के प्रकरणों में मूल राशि से भी कम व ब्याज माफ कर मामलो का हाथों हाथ फैंसला किया जाएगा।दोनों पक्षों को साथ साथ बैठाकर आपसी बातचीत व राजीनामें के आधार पर विवाद को निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। दोनों पक्ष खुलकर कह सकते हैं अपनी बात राष्ट्रीय लोक अदालत का माहौल न्यायालय जैसा नहीं होकर अनौपचारिक व बहुत ही सहज होता है।लोक अदालत के समक्ष दोनों पक्ष अपनी बात खुलकर कह सकते है राजीनामा किसी भी पर थोपा नहीं जाता है बल्कि दोनों पक्षों की स्वेच्छिक सहमति होने पर ही आदेश पारित किया जाता है। पक्षकारान अपने राजीनामें योग्य मामले लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराये जिससे उनका धन व समय दोनों की बचत होगी।


