नए साल के पहले दिन गुरुवार को सरिस्का टूरिस्ट से भरा रहा। 1000 से अधिक टूरिस्ट सरिस्का में सफारी करने आ गए। वहीं भर्तृहरि धाम पर भी बड़ी संख्या में भक्तों का जमावड़ा रहा। पांडूपोल मंदिर जाने के लिए भी सैकड़ों भक्त आए। लेकिन उनको जंगल मेंं निजी वाहनों से जाने की अनुमति नहीं दी। थर्टी फर्स्ट को बुधवार होने के कारण सरिस्का में टाइगर सफारी नहीं हो सकी। लेकिन एक जनवरी को टाइगर सफारी करने वालों की लाइन नहीं टूटी। बहुत से टूरिस्ट 31 दिसंबर को सफारी करने के लिए अलवर आ गए थे। कुछ को यहां आने पर पता चला कि बुधवार को सरिस्का में सफारी बंद रहती है। इस कारण 1 जनवरी को सफारी को लुत्फ उठाया। जबकि गुरुवार को पूरे दिन कड़ाके की सर्दी रही। इसके बावजूद भी टूरिस्ट की संख्या कम नहीं हो सकी। हर साल की तरह एक जनवरी को सफारी फुल रही। आगामी कुछ दिनों तक भी सरिस्का में टूरिस्ट की फुल बुकिंग है। एक जनवरी काे मंदिरों में भी खूब पहुंचे भक्त साल के पहले दिन 1 जनवरी को मंदिरों में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। अलवर के भर्तृहरि धाम में टूरिस्ट सुबह से आने शुरू हो गए। देर शाम तक भीड़ रही। बहुत से लोग पांडूपोल मंदिर नहीं जा सके तो भर्तृहरि बाबा के दर्शन करने आए। यहां साल के पहले सप्ताह में काफी संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं। वहीं अलवर शहर में मंदिरों में भी अच्छी भीड़ रही।


