सिंगरौली में कलेक्टर गौरव बेनर ने सोमवार को समय सीमा बैठक में सख्त रुख अपनाया। सरकारी कामकाज में लापरवाही और जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारी का वेतन काटने और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। सीएम हेल्पलाइन की खराब रैंकिंग के लिए लगाई फटकार बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिक (पीएचई) विभाग के कार्यपालन यंत्री को सीएम हेल्पलाइन की खराब रैंकिंग के लिए फटकार लगाई गई। कलेक्टर ने साफ कहा कि जनशिकायतों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को लेकर कार्यपालन यंत्री और एक अन्य यंत्री की सात दिन की सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी का बैठक में नहीं आना गंभीर बात माना। उन्होंने कहा कि सिंगरौली जिला प्रदूषण के मामले में पहले से ही संवेदनशील है। पिछले सप्ताह प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक बड़ी बैठक हुई थी, जिसमें सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई थीं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी का बैठक में शामिल न होना गंभीर लापरवाही है, जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जनता के कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं कलेक्टर ने चेतावनी दी कि सरकारी सेवाओं और जनहित के कार्यों में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने और सीएम हेल्पलाइन के मामलों का तुरंत समाधान करने के निर्देश भी दिए।


