सिंगरौली के मोरवा विस्थापन में भेदभाव का आरोप:कलेक्टर से मिला पीड़ितों का दल; बोले- मुआवजा और सुविधा एक जैसी मिले

सिंगरौली के मोरवा वन क्षेत्र में विस्थापन की विसंगतियों और मुआवजे में असमानता को लेकर गुरुवार को विस्थापन संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात की। समिति ने विस्थापित परिवारों को हो रहे नुकसान के बारे में बताते हुए मांग की कि सभी को समान पुनर्वास लाभ और मुआवजा दिया जाए। पुनर्वास नियमों में भेदभाव पर जताया विरोध संघर्ष समिति ने कलेक्टर को बताया कि जमीन अधिग्रहण के नियमों (लार अधिनियम 2013 और कोल इंडिया की आर एंड आर पॉलिसी 2012) के बावजूद, वर्तमान योजना में काफी अंतर है। समिति का आरोप है कि जिन परिवारों की जमीन ली गई है और जिनकी नहीं ली गई है, उनके बीच मुआवजे की राशि और घर के लिए मिलने वाले प्लॉट के आकार में भेदभाव किया जा रहा है। इस असमानता के कारण विस्थापित परिवारों में भारी गुस्सा और असंतोष है। एक हफ्ते में समाधान का मिला भरोसा प्रतिनिधियों ने प्रशासन को याद दिलाया कि इस समस्या के समाधान के लिए 7 जनवरी 2026 को भी आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर गौरव बैनल ने समिति की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वह खुद सभी विसंगतियों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के हितों की अनदेखी नहीं होगी और एक सप्ताह के भीतर समाधान की दिशा में उचित कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर के सकारात्मक रुख के बाद संघर्ष समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि अब वर्षों से लंबित इस समस्या का अंत होगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि एक सप्ताह में प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति बनाएंगे। बैठक में समिति के प्रमुख सदस्य और प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *