अशोकनगर जिले के चंदेरी में गुरुवार को 498वां जौहर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राजा मेदिनी राय और रानी मणिमला की स्मृति में शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी ने घोषणा की कि 500वें जौहर दिवस पर शहर में लगभग पांच बीघा जमीन पर राजा मेदिनी राय और रानी मणिमला के नाम से एक पार्क बनाया जाएगा, जिसमें उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। किला कोठी स्थित जौहर स्थल पर पुष्पांजलि और मंचीय कार्यक्रम के साथ देर रात तक आयोजन चला। शोभायात्रा दोपहर में राम जानकी मंदिर से शुरू हुई और दिल्ली दरवाजा होते हुए किला कोठी तक पहुंची। इसमें 50 से अधिक वाहनों का काफिला और पैदल चल रहे बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। यात्रा में रानी मणिमला और राजा मेदिनी राय की वीरता और साहस को दर्शाती झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 1528 में आज ही के दिन 1600 वीरांगनाओं ने किया था जौहर ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक, 29 जनवरी 1528 को आक्रांता बाबर ने चंदेरी किले पर अचानक आक्रमण किया था। इस युद्ध में राजा मेदिनी राय लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। राजा की मृत्यु का समाचार मिलते ही रानी मणिमला ने अपने स्वाभिमान और राज्य की रक्षा के लिए 1600 वीरांगनाओं के साथ धधकती आग में कूदकर जौहर कर लिया था। आयोजन से एक दिन पहले जौहर स्थल पर दीपदान भी किया गया था। समाज ने दिया शिक्षा पर जोर किला कोठी पर आयोजित कार्यक्रम में क्षत्रिय खंगार समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। देशभर से आए वरिष्ठ सदस्यों ने राजा-रानी की शौर्य गाथाएं सुनाईं और समाज में शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया। भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी ने भी अपने संबोधन में राजा और रानी के बलिदान को याद किया। देखिए तस्वीरें…


